देहरादून। हेलीकॉप्टर से केदारनाथ धाम की यात्रा अब पांच प्रतिशत महंगी होने वाली है। 10 मई…
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Uttarakhand: 10 साल में मोदी सरकार ने किया देश में रिकार्ड विकास- पीएम मोदी
रुद्रपुर। पीएम मोदी ने आज यहां हुई चुनावी जनसभा में कहा कि बीते 10 सालों में…
China: चीन ने अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों के बदले नाम, भारत ने किया खारिज
बीजिंग: समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, चीन ने एक बार फिर अरुणाचल प्रदेश में कई जगहों के नाम बदलकर उकसाने वाली कार्रवाई की है। चीन द्वारा जारी की गई यह चौथी सूची है जिसमें 30 नए नाम शामिल हैं। हालांकि, भारत ने चीन के इस कदम को सिरे से खारिज कर दिया है। भारत ने कहा है कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और नाम बदलने से इस वास्तविकता में कोई बदलाव नहीं आएगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस आदेश को 1 मई से लागू करने का प्रावधान है। इसमें कहा गया है कि चीन के क्षेत्रीय दावों और संप्रभुता के अधिकारों को नुकसान पहुंचाने वाले विदेशी भाषाओं के नामों को बिना प्राधिकरण के सीधे उद्धृत या अनुवादित नहीं किया जाएगा। गौरतलब है कि चीन अरुणाचल प्रदेश पर अपना दावा करता है और उसे “ज़ंगनान“ कहता है। साथ ही, चीन अरुणाचल प्रदेश को तिब्बती क्षेत्र बताता है। यह पहली बार नहीं है जब चीन ने अरुणाचल प्रदेश में जगहों के नाम बदलने की कोशिश की है। इससे पहले भी 2017, 2021 और 2023 में चीन ने ऐसी सूचियाँ जारी की थीं। भारत का रुख इस मामले पर स्पष्ट है: अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग है और चीन द्वारा नाम बदलने से इस तथ्य में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
SC: सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला और कमल मौला मस्जिद के एएसआई सर्वेक्षण पर रोक से किया इंकार
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला और कमल मौला मस्जिद में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) के सर्वेक्षण पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के उस आदेश के खिलाफ याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें ASI को विवादित स्थल “भोजशाला और कमल मौला मस्जिद“ में सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पक्षों को नोटिस भेजा है और एक अंतरिम निर्देश में कहा है कि सर्वेक्षण के नतीजों के आधार पर उसकी अनुमति के बिना कोई कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि विवादित स्थलों पर कोई भौतिक खुदाई नहीं की जानी चाहिए जिससे उनका स्वरूप बदल जाए। गौरतलब है कि धार की भोजशाला में सर्वेक्षण 22 मार्च को शुरू हुआ था। वाराणसी की ज्ञानवापी मस्जिद की तरह ही भोजशाला में भी सर्वेक्षण किया जा रहा है। मुस्लिम पक्ष ने 22 मार्च को ही सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था और सर्वेक्षण पर रोक लगाने की मांग की थी। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया था। यह मामला अभी भी विकासशील है और आगे की कानूनी कार्यवाही के अनुसार अपडेट आने की उम्मीद है। Pls read:SC: सुप्रीम कोर्ट ने ‘वोट के बदले नोट’ मामले में 26 साल पुराने फैसले को पलटा
Uttarakhand: दो अप्रैल को रुद्रपुर में रैली करेंगी पीएम मोदी
देहरादून। उत्तराखंड में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने अपनी स्टार प्रचारकों की लिस्ट जारी कर…
Himachal: तीन निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे पर विधानसभा ने जारी किया उन्हें कारण बताओ नोटिस
शिमला। पिछले सप्ताह विधानसभा से इस्तीफा देने वाले तीन निर्दलीय विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप पठानिया…
Himachal: कंगना दिल्ली से लौटी, सरकाघाट से शुरू किया अपना प्रचार अभियान
मंडी। मंडी संसदीय क्षेत्र से भाजपा प्रत्याशी और फिल्म कलाकार कंगना रनोट ने दिल्ली से वापस…
Dehradun: ब्रह्मपुरी इलाके में दो पक्षों में खूनी संघर्ष, कई महिलाएं घायल
देहरादून: पटेलनगर क्षेत्र के ब्रह्मपुरी इलाके में होली की शाम को दो पक्षों में खूनी संघर्ष का…
Uttarakhand: पत्नी पर था शक, कर दी हत्या फिर खुद ट्रेन के आगे पति ने लगा दी छलांग
देहरादून: शहर के नेहरू कालोनी क्षेत्र में एक व्यक्ति ने पत्नी की हत्या कर खुद ट्रेन…