Uttarakhand: भ्रामक विज्ञापन मामले में बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को सुप्रीम कोर्ट की फटकार

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नई दिल्ली। पतंजलि के झूठे विज्ञापन मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ने बाबा रामदेव और कंपनी के एमडी आचार्य बालकृष्ण को कड़ी फटकार लगाई।  2 अप्रैल को सुनवाई के दौरान दोनों शीर्ष अदालत में हाजिर हुए। कोर्ट ने दोनों को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि कोर्ट को गंभीरता से लें। कानून की महिला सबसे ऊपर है और आपने सारी सीमाएं लांघ दीं।

बता दें कि कोर्ट ने पिछली सुनवाई में दोनों को अवमानना नोटिस जारी कर पेश होने का आदेश दिया था। पतंजलि आयुर्वेद के भ्रामक विज्ञापनों के मामले में दायर याचिका पर नवंबर 2023 से सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई चल रही है। यह सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस हिमा कोहली और जस्टिस अहसानुद्दीन की बेंच ने की।

कोर्ट ने उत्तराखंड सरकार से भी पूछा कि केंद्र की सलाह के बाद क्या कदम उठाया गया? सुप्रीम कोर्ट ने रामदेव को हलफनामा दाखिल करने के लिए आखिरी मौका दिया। सुप्रीम कोर्ट 10 अप्रैल को मामले की सुनवाई करेगा। अगली सुनवाई पर रामदेव और बालकृष्ण को पेश होना है। सुप्रीम कोर्ट पतंजलि की तरफ से दिए गए जवाब से संतुष्ट नहीं दिखा और कंपनी के रवैये पर नाराजगी जताई। बता दें कि रामदेव के वकील ने सुप्रीम कोर्ट से हाथ जोड़कर माफी मांगी। सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस हिमा कोहली ने कहा कि हमें हैरानी है कि इतना सब कुछ होने के बावजूद केंद्र सरकार ने अपनी आंखें क्यों बंद रखीं।

 

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