नादौन (हमीरपुर)। हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले के नादौन क्षेत्र से एक ऐसा अजीबोगरीब मामला सामने आया है जिसे सुनकर हर कोई दंग है। यह घटना सरकारी ऑनलाइन चालान प्रणाली की कार्यप्रणाली और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। एक ऐसा स्कूटर जो पिछले दो वर्षों से घर के आंगन में कबाड़ की तरह खड़ा है और जिसका इंजन तक चालू नहीं है, उसका चालान सैकड़ों किलोमीटर दूर सोलन जिले में काट दिया गया। वह भी एक बार नहीं बल्कि दो बार, और कुल जुर्माना 15 हजार रुपये लगाया गया है।
नादौन के वार्ड नंबर चार के निवासी नवल अवस्थी इस समय भारी मानसिक तनाव और हैरानी में हैं। उनके मोबाइल पर अचानक संदेश आया कि उनके स्कूटर संख्या एचपी 21 1537 का चालान सोलन के सनवारा टोल प्लाजा के पास काटा गया है। विवरण के अनुसार, पहला चालान 26 फरवरी को 5 हजार रुपये का हुआ और ठीक अगले ही दिन 27 फरवरी को उसी स्थान पर 10 हजार रुपये का एक और भारी जुर्माना ठोक दिया गया।
नवल अवस्थी का दावा है कि यह पूरी तरह असंभव और हास्यास्पद है। उन्होंने बताया कि उनका यह पुराना स्कूटर साल 1992 में बड़सर में पंजीकृत हुआ था और बाद में वहीं से इसका नवीनीकरण भी कराया गया था। कुछ समय पूर्व उन्होंने एक नई स्कूटी खरीद ली थी, जिसके बाद से यह पुराना स्कूटर घर के भीतर ही खड़ा है। अवस्थी ने स्पष्ट किया कि स्कूटर पिछले दो साल से खराब स्थिति में है और वह हिलने-डुलने लायक भी नहीं है। वह स्वयं नादौन के पत्तन बाजार में अपनी दुकान चलाते हैं और उनका हमीरपुर से इतनी दूर सोलन तक पुराना स्कूटर लेकर जाने का कोई औचित्य ही नहीं बनता।
इस मामले ने एक ऐसे गिरोह की आशंका को जन्म दिया है जो संभवतः फर्जी नंबर प्लेटों का इस्तेमाल कर गैर-कानूनी कामों को अंजाम दे रहा है। पीड़ित नवल अवस्थी को अंदेशा है कि सोलन क्षेत्र में कोई अन्य वाहन चालक उनके स्कूटर के नंबर का अवैध रूप से उपयोग कर रहा है। इसी धोखाधड़ी की वजह से ऑनलाइन सिस्टम ने तकनीकी रूप से असली मालिक के नाम पर जुर्माना भेज दिया। यह घटना दर्शाती है कि कैसे अपराधी दूसरे नागरिकों के वाहन नंबरों का गलत इस्तेमाल कर यातायात नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं और निर्दोष लोग इसका शिकार बन रहे हैं।
फिलहाल, इस मामले ने पुलिस प्रशासन के सामने भी एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। नादौन के थाना प्रभारी निर्मल सिंह ने बताया कि मामला उनके ध्यान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जैसे ही पीड़ित की ओर से इस संबंध में औपचारिक लिखित शिकायत प्राप्त होगी, पुलिस तुरंत मामले की विस्तृत जांच शुरू कर देगी। जांच के दौरान सनवारा टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाएंगे ताकि उस वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके जिसने नवल अवस्थी के नंबर का उपयोग किया है। डिजिटल दौर में सुरक्षा की यह बड़ी चूक चर्चा का विषय बनी हुई है।
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