भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित त्विषा शर्मा मौत मामले में जांच का दायरा अब और अधिक व्यापक हो गया है। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रिटायर्ड जिला जज गिरिबाला सिंह और उनके वकील बेटे समर्थ सिंह को शुक्रवार को विशेष अदालत में पेश किया। मामले की संवेदनशीलता और जांच की कड़ियों को जोड़ने की आवश्यकता को देखते हुए अदालत ने दोनों आरोपियों को पांच दिन की सीबीआई रिमांड पर भेजने का आदेश जारी किया है।
शुक्रवार सुबह सीबीआई की टीम सुरक्षा घेरे के बीच दोनों आरोपियों को लेकर प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी शोभना भाल्वे की अदालत में पहुंची। सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने अदालत के समक्ष अपनी दलील पेश करते हुए कहा कि इस मामले में अभी कई महत्वपूर्ण तकनीकी साक्ष्य जुटाए जाने बाकी हैं। सीबीआई ने कोर्ट को बताया कि इस रहस्यमयी मौत के पीछे की असली वजह जानने के लिए आरोपियों से विस्तृत पूछताछ अनिवार्य है। अदालत ने जांच एजेंसी की दलीलों को स्वीकार करते हुए गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह की 2 जून तक की रिमांड मंजूर कर ली।
इस मामले में समर्थ सिंह, जो कि त्विषा शर्मा का पति है, पहले से ही सीबीआई की हिरासत में था। उसकी पिछली रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद उसे पुनः कोर्ट में पेश किया गया था। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई की योजना अब मां और बेटे को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करने की है, ताकि उनके बयानों में आने वाले विरोधाभासों को पकड़ा जा सके। इसके अलावा, समर्थ सिंह जब फरार था, उस दौरान वह कहां छिपा था और किन लोगों ने उसकी मदद की, इसकी भी गहनता से पड़ताल की जा रही है।
गिरिबाला सिंह की गिरफ्तारी के घटनाक्रम पर नजर डालें तो उनकी मुश्किलें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट द्वारा अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद बढ़ गई थीं। जमानत याचिका रद्द होने के तुरंत बाद सीबीआई की टीम गुरुवार सुबह उनके निवास पर पहुंच गई थी। करीब आठ घंटे तक चली लंबी पूछताछ और घर की तलाशी के बाद गुरुवार शाम को उन्हें आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार कर लिया गया था। गिरफ्तारी के बाद उन्हें मैनिट स्थित सीबीआई के कैंप कार्यालय ले जाया गया था।
जांच एजेंसी इस मामले को सुलझाने के लिए आधुनिक ‘टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन’ तकनीक का उपयोग कर रही है। इस तकनीक के माध्यम से त्विषा शर्मा की मौत से पहले के आखिरी कुछ घंटों का एक वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार किया जा रहा है। जांच अधिकारी यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि घटना वाले दिन घर के भीतर और बाहर की गतिविधियां क्या थीं। मिनट-दर-मिनट का एक घटनाक्रम तैयार किया जा रहा है ताकि किसी भी संभावित साक्ष्य को अनदेखा न किया जा सके।
सीबीआई ने इस मामले से जुड़े कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, मोबाइल फोन और महत्वपूर्ण दस्तावेज पहले ही अपने कब्जे में ले लिए हैं। अब फॉरेंसिक रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से पूछताछ की जा रही है। विशेष रूप से त्विषा और समर्थ के आपसी संबंधों और परिवार के भीतर चल रहे तनावों को लेकर भी सवाल किए जा रहे हैं। रिमांड के दौरान मिलने वाली नई जानकारियों से इस चर्चित मामले के कई अनसुलझे रहस्य सामने आने की उम्मीद है। फिलहाल, राजधानी की इस हाई-प्रोफाइल जांच पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
Pls reaD:MP: ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले पति समर्थ के बयानों और साक्ष्यों का होगा मिलान