नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में लखनऊ सुपर जायंट्स के निराशाजनक सफर के बाद टीम में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। लखनऊ सुपर जायंट्स के स्टार खिलाड़ी और कप्तान ऋषभ पंत ने अपने पद से हटने का फैसला किया है। फ्रेंचाइजी ने आधिकारिक तौर पर इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि पंत ने स्वयं कप्तानी छोड़ने का प्रस्ताव रखा था, जिसे टीम मैनेजमेंट ने स्वीकार कर लिया है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब लखनऊ की टीम इस सीजन में अंक तालिका में सबसे निचले स्थान पर रही है।
इस सीजन में लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रदर्शन उम्मीदों के बिल्कुल उलट और काफी शर्मनाक रहा। पूरे टूर्नामेंट के दौरान टीम संघर्ष करती नजर आई और प्रशंसकों को भारी निराशा हाथ लगी। लीग चरण में खेले गए 14 मुकाबलों में से फ्रेंचाइजी को केवल 4 मैचों में ही सफलता मिल सकी, जबकि शेष 10 मैचों में उसे करारी हार का सामना करना पड़ा। महज 8 अंकों और -0.740 के खराब नेट रन रेट के साथ टीम अंक तालिका में दसवें यानी आखिरी पायदान पर रही। टीम की इस लगातार विफलता के बाद नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें लगाई जा रही थीं।
टीम की इस नाजुक स्थिति को देखते हुए ऋषभ पंत ने कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होने का अनुरोध किया। लखनऊ सुपर जायंट्स ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट के माध्यम से इस बड़े घटनाक्रम की जानकारी साझा की। फ्रेंचाइजी ने अपने बयान में लिखा कि ऋषभ पंत ने औपचारिक रूप से कप्तानी छोड़ने की इच्छा जाहिर की थी, जिसे तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया गया है। टीम प्रबंधन ने कप्तान के रूप में उनके महत्वपूर्ण योगदान, नेतृत्व और टीम के प्रति उनके अटूट समर्पण के लिए गहरा आभार व्यक्त किया है।
लखनऊ सुपर जायंट्स के क्रिकेट निदेशक टॉम मूडी ने इस कठिन निर्णय पर अपनी राय साझा करते हुए कहा कि ऋषभ ने इस विषय पर फ्रेंचाइजी से संपर्क साधा था और टीम ने उनके अनुरोध का पूरा सम्मान किया है। टॉम मूडी के अनुसार, इस तरह के बड़े फैसले लेना कभी भी आसान नहीं होता है, लेकिन भविष्य की योजना को देखते हुए यह कदम जरूरी था। उन्होंने जोर देकर कहा कि अब फ्रेंचाइजी का पूरा ध्यान टीम के सामूहिक पुनर्निर्माण और पुनर्गठन पर केंद्रित है, ताकि आगामी सत्रों में टीम फिर से उच्च मानकों को स्थापित कर सके और जीत की पटरी पर लौट सके।
कप्तानी के दबाव के बीच इस सीजन में ऋषभ पंत का व्यक्तिगत प्रदर्शन भी उनके कद के अनुरूप नहीं रहा। पूरे टूर्नामेंट के 14 मैचों की 13 पारियों में वे केवल 312 रन ही जोड़ पाए। इस दौरान उनका बल्लेबाजी औसत 28.36 का रहा, जबकि उन्होंने 138.05 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए। पूरे सत्र में उनके बल्ले से केवल एक अर्धशतक निकला और उनका सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर नाबाद 68 रन रहा। मध्यक्रम में उनकी इस बल्लेबाजी विफलता का सीधा असर टीम के समग्र परिणामों पर पड़ा।
ऋषभ पंत के कप्तानी छोड़ने के बाद अब लखनऊ सुपर जायंट्स के सामने नए नेतृत्व की तलाश करने की बड़ी चुनौती है। टीम मैनेजमेंट अब एक ऐसी दीर्घकालिक रणनीति पर काम कर रहा है जिससे टीम के संतुलन को फिर से बनाया जा सके। क्रिकेट जगत में भी यह चर्चा का विषय बन गया है कि पंत के बाद लखनऊ की कमान अब किस अनुभवी खिलाड़ी को सौंपी जाएगी। फिलहाल, इस कप्तानी के इस्तीफे ने आगामी सीजन के लिए लखनऊ की टीम में बड़े फेरबदल के संकेत दे दिए हैं।
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