गगरेट (ऊना)। हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के अंबोटा गांव में एक विवाह समारोह के दौरान एक बेहद चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। यहाँ एक वर-वधू का पवित्र रिश्ता, जो सुबह पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शुरू हुआ था, शाम ढलने से पहले ही खत्म हो गया। सात फेरे लेने और विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद जब विदाई का समय आया, तो दुल्हन ने अचानक अपने ससुराल जाने से इनकार कर दिया। इसके बाद उभरे विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा और अंततः दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से अलग होने का फैसला कर लिया।
यह विवाह समारोह प्रसिद्ध बगलामुखी मंदिर में आयोजित किया गया था, जहाँ वर और वधू पक्ष की मौजूदगी में दोनों ने एक-दूसरे के साथ जीवन बिताने की कसमें खाई थीं। विवाह की रस्में सुचारू रूप से संपन्न हुईं, लेकिन जैसे ही विदाई की घड़ी आई, दुल्हन के व्यवहार में अचानक बदलाव आ गया। उसने अपने पति के साथ जाने से साफ मना कर दिया। दुल्हन की इस जिद्द ने न केवल वर पक्ष को शर्मिंदा किया, बल्कि वधू पक्ष के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी। विवाद बढ़ता देख स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
पुलिस की उपस्थिति में दोनों परिवारों के बीच घंटों लंबी बातचीत का दौर चला। वर पक्ष के सदस्यों ने तर्क दिया कि यदि विवाह के पहले ही दिन दुल्हन का व्यवहार ऐसा है और वह घर जाने को तैयार नहीं है, तो भविष्य में गृहस्थी चलाना असंभव होगा। काफी मान-मनौवल और बहस के बाद, दोनों परिवारों ने महसूस किया कि इस रिश्ते को आगे बढ़ाना संभव नहीं है। बिना किसी कानूनी उलझन को लंबा खींचने के बजाय, दोनों पक्षों ने लिखित रूप में शांतिपूर्वक अलग होने का निर्णय लिया।
इस घटना के पीछे के कारणों ने क्षेत्र में कई चर्चाओं को जन्म दिया है। यद्यपि दोनों परिवारों ने आधिकारिक तौर पर चुप्पी साध रखी है, लेकिन स्थानीय स्तर पर यह बात निकलकर सामने आई है कि यह पूरा विवाद ‘संदेह’ के इर्द-गिर्द घूम रहा था। बताया जा रहा है कि वर पक्ष को दुल्हन की नीयत पर पहले से ही कुछ संदेह था, जिसके कारण उन्होंने सावधानी बरतते हुए दुल्हन को नकली आभूषण चढ़ाए थे। जैसे ही दुल्हन को इस बात का पता चला, मनमुटाव शुरू हो गया।
हिमाचल प्रदेश में पिछले कुछ समय से ‘लुटेरी दुल्हनों’ के कई मामले सामने आए हैं, जहाँ विवाह के कुछ ही दिनों बाद दुल्हन कीमती आभूषण और नकदी लेकर फरार हो जाती है। इसी पृष्ठभूमि में दूल्हा पक्ष ने नकली आभूषण देने का कदम उठाया था। इसी संदेह और आपसी अविश्वास की वजह से सात फेरे लेने के बावजूद यह रिश्ता विदाई तक भी नहीं पहुंच पाया। फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच सुलह कराकर मामला शांत करा दिया है, लेकिन यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।