शिमला। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनावों का तीसरा और अंतिम चरण शुक्रवार को भारी वर्षा और खराब मौसम के बीच शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गया। प्रदेश की 1,189 पंचायतों के 6,615 वार्डों में मतदान हुआ, जिसमें मतदाताओं ने पिछले दो चरणों की तुलना में अधिक उत्साह दिखाया। अब सभी की नजरें कल शनिवार को होने वाली जिला परिषद, बीडीसी और नगर निगम की मतगणना और उनके परिणामों पर टिकी हैं।
तीसरे चरण के मतदान में कुल 63.20 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश के 15,39,161 पंजीकृत मतदाताओं में से 9,70,391 लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान के लिए सुबह से ही लंबी कतारें देखी गईं। सुबह सात से नौ बजे के पहले दो घंटों में ही 19.41 प्रतिशत मतदान हो चुका था। मतदान के शुरुआती घंटों में पुरुषों की भागीदारी 21.08 प्रतिशत रही, जबकि महिलाओं का मतदान प्रतिशत 17.70 दर्ज किया गया। हालांकि, दिन चढ़ने के साथ महिलाओं ने अधिक उत्साह दिखाया और सुबह 11 बजे तक कुल मतदान लगभग 42 प्रतिशत तक पहुंच गया।
इस चुनाव में कई दिग्गज हस्तियों ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा विशेष रूप से अपने गांव विजयपुर पहुंचे और परिवार के साथ मतदान किया। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू की 88 वर्षीय माता संसार देई ने ग्राम पंचायत अमलैहड़ के भवड़ां मतदान केंद्र पर वोट डाला। इस केंद्र की खास बात यह थी कि इसे ‘पिंक बूथ’ बनाया गया था, जहां सुरक्षा से लेकर मतदान प्रक्रिया तक की कमान पूरी तरह महिला अधिकारियों और कर्मचारियों के हाथों में थी। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंडी के सराज स्थित मुरहाग पंचायत में मतदान किया, जबकि उनकी 86 वर्षीय माता ब्रिकु देवी ने भी इसी पंचायत में अपना वोट डालकर लोकतंत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
मतदान के दौरान कुछ जगहों पर विवाद और तकनीकी समस्याएं भी देखने को मिलीं। हमीरपुर के जिला परिषद वार्ड ऊहल के बनालग पोलिंग बूथ पर विधायक के निरीक्षण के दौरान विवाद की स्थिति पैदा हो गई। भाजपा समर्थित प्रत्याशी मंगलेश ठाकुर के पति और विधायक के बीच तीखी बहस हुई, जिससे वहां कुछ समय के लिए तनाव बढ़ गया। दूसरी ओर, जिला ऊना के अम्बोटा क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारण मतदान कर्मियों को काफी परेशानी हुई। वहां स्थिति ऐसी थी कि मोबाइल फोन की रोशनी के सहारे मतदान की प्रक्रिया संपन्न करवानी पड़ी।
जिलों के आंकड़ों पर गौर करें तो कुल्लू जिला 84.66 प्रतिशत मतदान के साथ सबसे आगे रहा। मंडी जिला, जहां मौसम काफी प्रतिकूल था, वहां भी मतदान का पिछला रिकॉर्ड टूट गया और 81.02 प्रतिशत वोटिंग हुई। सिरमौर में 71.80 प्रतिशत, सोलन में 66.23 प्रतिशत, शिमला में 65.72 प्रतिशत और ऊना में 64 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। कांगड़ा में तीन बजे तक का आंकड़ा 70.05 प्रतिशत रहा। चंबा और किन्नौर में भी मतदाताओं ने भारी बारिश के बावजूद अपने संवैधानिक अधिकार का प्रयोग किया। शाम को मतदान का समय खत्म होने के बाद भी कई बूथों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। निर्वाचन आयोग अब कल आने वाले परिणामों की तैयारियों में जुट गया है।
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