शिमला।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने चंडीगढ़ की सीमा के पास ‘हिम-चंडीगढ़ सिटी’ नाम से एक नया और अत्याधुनिक शहर बसाने की दिशा में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बद्दी क्षेत्र में प्रस्तावित इस महात्वाकांक्षी परियोजना की प्रगति को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि इस नए शहर के विकास कार्यों को जल्द से जल्द धरातल पर शुरू किया जाए और परियोजना के क्रियान्वयन में आ रही सभी तकनीकी एवं प्रशासनिक औपचारिकताओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बैठक के दौरान कहा कि हिम-चंडीगढ़ सिटी को केवल एक रिहायशी इलाके के रूप में नहीं, बल्कि भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक सुनियोजित, टिकाऊ और आधुनिक शहरी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इस शहर में विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और सभी आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शहर के संतुलित विकास के लिए सभी संभावित पहलुओं का गहन अध्ययन करें, ताकि पर्यावरण और शहरीकरण के बीच सही सामंजस्य बना रहे।
इस परियोजना का एक सबसे आकर्षक हिस्सा सिरसा नदी के किनारे विकसित होने वाला रिवरफ्रंट होगा। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए कि नदी के किनारे लगभग 9 किलोमीटर लंबे क्षेत्र को रिवरफ्रंट परियोजना के तहत सुविकसित किया जाए। इससे न केवल शहर की सुंदरता और आकर्षण में बढ़ोतरी होगी, बल्कि वहां रहने वाले नागरिकों को घूमने-फिरने और मनोरंजन के लिए एक स्वच्छ और सुंदर सार्वजनिक स्थल भी प्राप्त होगा। यह रिवरफ्रंट शहर की पहचान के रूप में उभरेगा और पर्यटन की दृष्टि से भी काफी महत्वपूर्ण होगा।
शहर के सफल संचालन के लिए कनेक्टिविटी को मुख्य आधार बताते हुए सुखविंदर सिंह सुक्खू ने मजबूत सड़क नेटवर्क विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित शहर से आसपास के क्षेत्रों और प्रमुख मार्गों तक सुगम आवागमन सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। बेहतर सड़क संपर्क होने से न केवल व्यापारिक गतिविधियों को बल मिलेगा, बल्कि निवासियों को भी आवाजाही में कोई परेशानी नहीं होगी। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह नया शहर क्षेत्र की बढ़ती शहरी आबादी की जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ राज्य की आर्थिक गतिविधियों को नई गति प्रदान करेगा, जिससे सरकारी राजस्व में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
परियोजना की समीक्षा के दौरान यह भी रेखांकित किया गया कि बद्दी और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के करीब होने के कारण इस शहर में निवेश और रोजगार की भी अपार संभावनाएं होंगी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को इस पूरी योजना को एक मॉडल सिटी के रूप में तैयार करने को कहा है, जो भविष्य के शहरी विकास के लिए एक उदाहरण पेश करे।
इस महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य मंत्री धनी राम शांडिल, नगर एवं ग्राम नियोजन मंत्री राजेश धर्माणी, हिमुडा के उपाध्यक्ष यशवंत छाजटा, विधायक राम कुमार और अजय सोलंकी सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। प्रधान सचिव देवेश कुमार और सचिव अमरजीत सिंह को मुख्यमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से इस परियोजना की निगरानी करने और समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट साझा करने के निर्देश दिए हैं। राज्य सरकार इस परियोजना को अपनी प्राथमिकता सूची में शीर्ष पर रख रही है ताकि औद्योगिक क्षेत्र के आसपास एक बेहतर जीवन स्तर वाला शहरी क्षेत्र विकसित किया जा सके।
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