Uttarakhand: राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने घेरा डीजीपी कार्यालय – The Hill News

Uttarakhand: राहुल गांधी के खिलाफ एफआईआर के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने घेरा डीजीपी कार्यालय

देहरादून।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध हल्द्वानी में दर्ज हुई प्राथमिकी को लेकर उत्तराखंड की राजनीति पूरी तरह गरमा गई है। इस कार्रवाई के विरोध में उत्तराखंड कांग्रेस ने सोमवार को मोर्चा खोलते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ कड़ा प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना के नेतृत्व में पार्टी के एक प्रतिनिधिमंडल ने देहरादून स्थित पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कार्यालय पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने डीजीपी को एक ज्ञापन सौंपते हुए राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज मुकदमे को तत्काल निरस्त करने की मांग की है।

गौरतलब है कि हल्द्वानी सिटी कोतवाली में 30 अगस्त की रात राहुल गांधी के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (नृशंसता निवारण) अधिनियम और भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अमित कुमार का आरोप है कि राहुल गांधी ने 29 अगस्त को दिल्ली में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान हल्द्वानी के रामलीला मैदान में हुए सफाई अभियान और धार्मिक अनुष्ठान को लेकर भ्रामक और अपमानजनक टिप्पणी की थी। शिकायत में कहा गया कि राहुल गांधी के बयानों ने समाज में नफरत फैलाने और एक वर्ग की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का काम किया है।

इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज यह मुकदमा पूरी तरह से झूठा, निराधार और राजनीतिक द्वेष से प्रेरित है। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि उत्तराखंड पुलिस इस समय स्वतंत्र रूप से काम करने के बजाय सत्ता के दबाव में कार्य कर रही है। धस्माना ने कहा कि आठ अगस्त को हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की एक सफल रैली हुई थी, जिसके बाद कुछ हिंदूवादी संगठनों और गिरीश पांडेय नामक व्यक्ति ने अपने साथियों के साथ मिलकर मैदान का ‘शुद्धिकरण’ किया था।

कांग्रेस उपाध्यक्ष ने तर्क दिया कि शुद्धिकरण की घटना के वीडियो साक्ष्य सार्वजनिक रूप से मौजूद हैं और कांग्रेस ने इस अपमानजनक कृत्य के खिलाफ बार-बार शिकायत की, लेकिन पुलिस ने अब तक उन लोगों पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसके विपरीत, जब राहुल गांधी ने इस भेदभावपूर्ण मानसिकता के खिलाफ आवाज उठाई, तो शिकायत मिलने के महज 24 घंटे के भीतर उन पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया। कांग्रेस ने इसे दोहरे मापदंड की कार्रवाई बताया है।

डीजीपी को सौंपे गए ज्ञापन में कांग्रेस ने तीन मुख्य मांगें रखी हैं। पहली मांग यह है कि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष जांच की जाए और उसे तुरंत निरस्त किया जाए। दूसरी मांग में कांग्रेस ने वीडियो साक्ष्यों के आधार पर गिरीश पांडेय और मैदान का शुद्धिकरण करने वाले उनके सहयोगियों की तत्काल गिरफ्तारी की बात कही है। तीसरी मांग के तहत पार्टी ने शिकायतकर्ता अमित कुमार के राजनीतिक संबंधों की जांच करने का आग्रह किया है, ताकि इस शिकायत के पीछे की असली मंशा स्पष्ट हो सके।

ज्ञापन सौंपने के दौरान सूर्यकांत धस्माना ने चेतावनी दी कि यदि राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज इस एफआईआर को तुरंत वापस नहीं लिया गया, तो कांग्रेस पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक नेता के खिलाफ कार्रवाई नहीं है, बल्कि यह उन आवाजों को दबाने का प्रयास है जो समाज में व्याप्त भेदभाव के खिलाफ खड़ी होती हैं। कांग्रेस ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो वे पूरे प्रदेश में सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान प्रदेश कांग्रेस के कई अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे।

 

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