देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर उत्तराखंड में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर विरोध प्रदर्शन तेज हो गए हैं। बृहस्पतिवार को कांग्रेस ने पत्रकारवार्ता कर अंकिता को न्याय दिलाने की लड़ाई जारी रखने का ऐलान किया। इसके बाद पार्टी के नेता और कार्यकर्ता लोकभवन की ओर प्रदर्शन करने पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें रोक दिया। स्थिति बढ़ने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत, कांग्रेस नेता हरक सिंह रावत सहित कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया गया।
पत्रकारवार्ता के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने की लड़ाई पूरे प्रदेश में लड़ी जाएगी और इस मुद्दे पर सभी को एकजुट होना चाहिए। पत्रकारवार्ता के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने लोकभवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने अंदर जाने का प्रयास किया और गेट पर ज्ञापन चिपकाने की कोशिश की। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
हिरासत में लिए जाने के बाद हरीश रावत ने कहा कि पुलिस को हिरासत में लेने का अधिकार है और उसने अपनी कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि आगे की रणनीति पुलिस स्टेशन या जेल से भी तय की जाएगी। कांग्रेस नेताओं ने अंकिता भंडारी मामले में न्याय की मांग को लेकर आंदोलन जारी रखने की बात कही।
दिल्ली में भी रातभर चला प्रदर्शन
अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर दिल्ली के इंडिया गेट पर भी प्रदर्शन हुआ। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, बुधवार रात से जारी प्रदर्शन के बाद बृहस्पतिवार सुबह करीब 3:45 बजे दिल्ली पुलिस ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के साथ मिलकर अंकिता के माता-पिता, विपक्षी नेताओं और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। उन्हें तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन ले जाया गया।
अंकिता के माता-पिता को करीब दो घंटे बाद सुबह छह बजे रिहा कर दिया गया। हिरासत से बाहर आने के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी ने कहा कि यदि उनकी बेटी को न्याय नहीं मिला, तो देशभर में आंदोलन किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर आंदोलन और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
दुष्यंत कुमार गौतम की नियुक्ति को लेकर भी विरोध
अंकिता भंडारी प्रकरण को लेकर दुष्यंत कुमार गौतम की राज्यपाल के रूप में नियुक्ति की खबर सामने आने के बाद भी उत्तराखंड में विरोध प्रदर्शन हुए। मामले में उनका नाम कथित वीआईपी के रूप में सामने आने को लेकर विभिन्न संगठनों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, इस संबंध में लगाए गए आरोपों और दावों को स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
बृहस्पतिवार को श्रीनगर में हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय के बिरला परिसर के गेट पर विभिन्न संगठनों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दुष्यंत कुमार गौतम का पुतला जलाया और इसके बाद श्रीनगर बाजार में रैली निकाली। संगठनों ने उनकी सिक्किम के राज्यपाल के रूप में नियुक्ति रद्द करने की मांग उठाई।
प्रदर्शन में एआईडीएसओ, आइसा, जस्टिस फॉर अंकिता समिति, ऑल इंडिया महिला सांस्कृतिक संगठन और एलयूसीसी प्रभावित मंच से जुड़े लोग शामिल हुए।
अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग अब उत्तराखंड से बाहर भी उठ रही है। कांग्रेस और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने आंदोलन जारी रखने की बात कही है। वहीं, इस मामले से जुड़े आरोपों, नियुक्ति और राजनीतिक प्रतिक्रियाओं को लेकर प्रदेश में बहस जारी है।
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