चंडीगढ़।
सोमवार को केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में उस समय हड़कंप मच गया जब अज्ञात तत्वों ने पंजाब के मुख्यमंत्री आवास, पंजाब एवं हरियाणा नागरिक सचिवालय और पंजाब विधानसभा जैसी अति-संवेदनशील इमारतों को बम धमाके से उड़ाने की धमकी दी। यह धमकी एक ई-मेल के जरिए भेजी गई थी, जिसकी जानकारी जैसे ही पुलिस कंट्रोल रूम को मिली, सुरक्षा एजेंसियां तुरंत अलर्ट मोड पर आ गईं। वीवीआईपी इलाकों और सरकारी इमारतों से जुड़े इस मामले ने पुलिस प्रशासन के हाथ-पांव फुला दिए।
सुरक्षा की दृष्टि से इन महत्वपूर्ण स्थानों की तुरंत घेराबंदी कर दी गई और सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ घटनास्थलों पर पहुंच गए। स्थिति की गंभीरता और खतरे के स्तर को देखते हुए तत्काल बम निरोधक दस्ते (बम स्क्वॉड), ऑपरेशन सेल, फायर ब्रिगेड और मेडिकल फर्स्ट रिस्पांस टीम को संबंधित लोकेशंस पर तैनात किया गया। इसके साथ ही, किसी भी संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए एंबुलेंस और नागरिक सुरक्षा की टीमों को भी पूरी तैयारी के साथ मुस्तैद रखा गया है।
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंट्रोल रूम को सुबह एक ई-मेल मिला था जिसमें इन प्रमुख सरकारी ठिकानों को बम से उड़ाने का जिक्र किया गया था। सेक्टर-3 थाना पुलिस इस पूरे मामले की वैधानिक और तकनीकी जांच में जुटी है। पुलिस की विशेष साइबर टीम उस ई-मेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही है जिससे यह धमकी भेजी गई थी। साइबर विशेषज्ञ ई-मेल भेजने वाले की आईडी और इंटरनेट प्रोटोकॉल (आईपी) एड्रेस को ट्रैक करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना है कि क्या यह धमकी वास्तव में किसी आतंकी या अपराधी समूह की ओर से दी गई है या फिर किसी शरारती तत्व ने दहशत फैलाने के मकसद से ऐसा किया है।
धमकी मिलने के बाद मुख्यमंत्री आवास और सचिवालय के आसपास के पूरे सुरक्षा घेरे को कई परतों में मजबूत कर दिया गया है। वहां आने-जाने वाले हर वाहन की बारीकी से तलाशी ली जा रही है और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की जा रही है। बम निरोधक दस्ता खोजी कुत्तों की मदद से सचिवालय, विधानसभा परिसर और मुख्यमंत्री आवास के चप्पे-चप्पे की जांच कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित कर रही हैं कि परिसर के भीतर या आसपास कोई भी संदिग्ध वस्तु न हो।
अभी तक की सघन जांच में किसी भी प्रकार की संदिग्ध सामग्री बरामद होने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं मिली है, लेकिन पुलिस प्रशासन और खुफिया विभाग इस मामले को हल्के में नहीं ले रहे हैं। चंडीगढ़ पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। साथ ही, किसी भी संदिग्ध गतिविधि या लावारिस वस्तु की जानकारी तुरंत पुलिस हेल्पलाइन पर देने का आग्रह किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश की राजधानी में इस तरह की सुरक्षा चुनौती को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद ही धमकी की वास्तविकता के बारे में विस्तार से बताया जा सकेगा। फिलहाल, सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं और चप्पे-चप्पे पर पहरा बढ़ा दिया गया है। दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द ही कानून के दायरे में लाने का भरोसा दिया गया है। आगामी विधानसभा सत्र और राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए इन इमारतों की सुरक्षा पहले से ही महत्वपूर्ण थी, लेकिन इस ई-मेल ने सुरक्षा इंतजामों को नए सिरे से परखने पर मजबूर कर दिया है।
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