Uttarakhand: बनबसा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रबुद्धजनों के साथ की विकास कार्यों पर चर्चा

बनबसा (चम्पावत)।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को बनबसा क्षेत्र के भ्रमण के दौरान समाज के विभिन्न वर्गों के प्रबुद्धजनों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस अवसर पर उन्होंने प्रबुद्धजनों को समाज का दर्पण बताते हुए कहा कि बुद्धिजीवियों के विचार और उनके सुझाव ही समाज को सही दिशा देने और सरकार की नीतियों को प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि चम्पावत के विकास के लिए मिलने वाला मार्गदर्शन उन्हें राज्य की प्रगति के लिए और भी कड़ी मेहनत करने की ऊर्जा प्रदान करता है।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपना संकल्प दोहराते हुए कहा कि ‘आदर्श चम्पावत’ बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदम अंततः ‘आदर्श उत्तराखंड’ के सपने को साकार करेंगे। उन्होंने क्षेत्र के लिए प्रस्तावित कई बड़ी परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि टनकपुर में बन रहे आईएसबीटी और शारदा कॉरिडोर जैसे प्रोजेक्ट न केवल पर्यटन को बढ़ावा देंगे, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आर्थिक उन्नति के नए द्वार भी खोलेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार मां पूर्णागिरि धाम को एक आधुनिक और सुगम तीर्थ स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके लिए ककराली गेट से धाम तक स्थायी लाइटिंग, रोपवे और हेलीपैड जैसी सुविधाओं पर तेजी से काम चल रहा है।

पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि कैलाश मानसरोवर यात्रा के रूट पर स्थित होने के कारण टनकपुर अब पर्यटन और तीर्थाटन का एक बड़ा केंद्र बनकर उभर रहा है। जिले में पार्किंग सुविधाओं के विस्तार, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम संस्थान और अत्याधुनिक साइंस सेंटर जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड की विकास दर (जीएसडीपी) पिछले पांच वर्षों में दोगुनी हुई है। साथ ही, कर्तव्य पथ पर मानसखंड की झांकी को प्रथम स्थान मिलना राज्य की सांस्कृतिक पहचान के लिए एक गौरवमयी उपलब्धि रही है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित प्रबुद्धजनों ने भी अपने विचार साझा किए। पूर्व सैनिक पुष्कर कापड़ी और पूर्व कैप्टन भानी चंद सहित कई अन्य वक्ताओं ने खेल, मंदिरों के सौंदर्यीकरण, महिला सशक्तिकरण और टनकपुर में बढ़ती रेल सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। प्रबुद्धजनों ने कहा कि जिस तरह से मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से विकास कार्यों की निगरानी कर रहे हैं, उससे चम्पावत की तस्वीर बदल रही है।

समारोह में एक भावुक क्षण तब आया जब बनबसा की पहली महिला ग्राम प्रधान और दिव्यांग कमला देवी मुख्यमंत्री का स्वागत करने के लिए आगे बढ़ना चाह रही थीं। उनकी स्थिति को भांपते हुए मुख्यमंत्री स्वयं प्रोटोकॉल तोड़कर उनके पास पहुंचे और उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री की इस सादगी और संवेदनशीलता ने वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया।

इस संवाद कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, विधायक प्रतिनिधि प्रकाश तिवारी और दीपक रजवार सहित कई जनप्रतिनिधि और स्थानीय प्रबुद्धजन उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जनसहभागिता के माध्यम से ही उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाया जा सकेगा।

 

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