हमीरपुर।
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांतिकारी बदलाव लाने के उद्देश्य से बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों में लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय डायग्नोस्टिक उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, ये मशीनें इतनी आधुनिक होंगी कि वर्तमान में ऐसी सुविधाएं केवल दिल्ली के एम्स जैसे बड़े संस्थानों में ही उपलब्ध हैं। नादौन विधानसभा क्षेत्र के कांगू में एक जन स्वास्थ्य शिविर के दौरान उन्होंने बताया कि इन मशीनों के आने से गंभीर बीमारियों की जांच अधिक सटीक होगी और मरीजों को समय पर सही उपचार मिल सकेगा।
स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए सरकार ने मानव संसाधन बढ़ाने पर भी ध्यान केंद्रित किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू ने बताया कि प्रदेश में जल्द ही 300 चिकित्सा अधिकारियों, 200 विशेषज्ञ डॉक्टरों और 150 सुपर-स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। इसी कड़ी में हमीरपुर के जोलसप्पड़ स्थित डॉ. राधाकृष्णन राजकीय मेडिकल कॉलेज का उद्घाटन जल्द किया जाएगा। यहां उत्तर भारत का पहला एलाइड हेल्थ साइंसेज संस्थान भी स्थापित होगा, जहां इसी वर्ष से प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, हमीरपुर जिले में 74 बीघा भूमि पर एम्स के स्तर का एक आयुर्वेदिक संस्थान बनाने की तैयारी भी शुरू हो चुकी है, जिसके लिए निविदा प्रक्रिया जारी है।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधारों को गति देते हुए मुख्यमंत्री ने नादौन में राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के नए भवन की आधारशिला रखी। 17.52 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह आधुनिक परिसर इस साल दिसंबर तक तैयार कर लिया जाएगा। इसमें सात प्रयोगशालाओं, पुस्तकालय और संगीत कक्ष के साथ-साथ कई अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी। सुक्खू ने कहा कि स्कूलों में शिक्षकों की कमी को दूर करने के लिए योग्यता के आधार पर भर्तियां की जा रही हैं और 30 सितंबर तक अतिरिक्त शिक्षकों की नियुक्ति सुनिश्चित की जाएगी। कांगू के स्कूल को राजीव गांधी डे-बोर्डिंग स्कूल का दर्जा देकर वहां भी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।
क्षेत्रीय विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने नादौन में ब्यास नदी के किनारे 250 करोड़ रुपये की लागत से नए घाट का निर्माण करने और बस स्टैंड के आधुनिकीकरण का ऐलान किया। नादौन में ही एक भव्य खेल परिसर विकसित किया जा रहा है, जहां 14 इनडोर खेलों की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे क्षेत्र में खेल पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। सुक्खू ने जोर देकर कहा कि कठिन आर्थिक परिस्थितियों के बावजूद सरकार स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए बजट की कमी नहीं होने देगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए मुख्यमंत्री ने मछुआरों के लिए ‘मुख्यमंत्री मछुआरा सम्मान निधि’ के तहत सहायता राशि वितरित की। उन्होंने बताया कि मछली पर रॉयल्टी को 15 प्रतिशत से घटाकर मात्र एक प्रतिशत कर दिया गया है। भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और राजस्व बढ़ाने के अपने संकल्प को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गलत तरीके से अर्जित संपत्ति को जब्त कर गरीबों में बांटा जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जनता का प्रेम और विश्वास ही उन्हें प्रदेश की सेवा के लिए प्रेरित करता है। इस अवसर पर संजय रतन, मोहन लाल, कुलदीप सिंह पठानिया, अजय शर्मा, सुमन भारती और कई अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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