Uttarpradesh: मथुरा में गोरक्षक की मौत के बाद भारी बवाल सौ से अधिक पुलिसकर्मी घायल

मथुरा। उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में शनिवार तड़के गोतस्करों का पीछा करने के दौरान बाइक सवार गोरक्षक चंद्रशेखर, जिन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ के नाम से जाना जाता था, की दर्दनाक मृत्यु हो गई। आरोप है कि कोटवन चौकी के अंतर्गत नवीपुर के समीप गोतस्करों ने अपनी गाड़ी से कुचलकर उनकी हत्या कर दी। इस घटना के बाद क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश फैल गया और उग्र प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली-आगरा हाईवे पर जाम लगाकर भारी उपद्रव किया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईद के पर्व के मद्देनजर गोवंश से लदे वाहनों की धरपकड़ के लिए चंद्रशेखर अपने साथियों के साथ शनिवार सुबह हाईवे पर सक्रिय थे। तड़के करीब चार बजे उन्होंने एक संदिग्ध कंटेनर को देख अपनी बाइक से उसका पीछा करना शुरू किया। इसी दौरान एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मथुरा और पड़ोसी राज्य हरियाणा से बड़ी संख्या में गोरक्षक और स्थानीय लोग मौके पर एकत्रित हो गए।

नाराज गोरक्षकों ने छाता कट के पास मृतक का शव सड़क पर रखकर हाईवे जाम कर दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने जमकर नारेबाजी की और देखते ही देखते विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया। उपद्रवियों ने न केवल पथराव किया बल्कि फायरिंग भी शुरू कर दी। हाईवे पर खड़ी कई गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए गए, जिससे वहां से गुजरने वाले यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। करीब साढ़े तीन घंटे तक हाईवे पर अराजकता का माहौल बना रहा और यातायात पूरी तरह ठप रहा।

स्थिति बिगड़ते देख जिले के कई थानों की पुलिस और पीएसी बल को मौके पर तैनात किया गया। उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े और प्लास्टिक पैलेट्स का इस्तेमाल करना पड़ा। इस हिंसक झड़प में पुलिस प्रशासन को भारी क्षति हुई है। पथराव की चपेट में आने से 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं, जिनमें से दो जवानों की हालत अत्यंत गंभीर बनी हुई है।

अंततः डीआईजी और वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर कमान संभाली। पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा और कई लोगों को हिरासत में लिया। कड़ी मशक्कत के बाद सुबह करीब साढ़े 11 बजे हाईवे का जाम खुलवाया जा सका। फिलहाल पूरे इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा के लिहाज से भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उधर, चंद्रशेखर के समर्थकों में गहरा रोष है और वे हत्यारोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।

 

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