Uttarakhand: टिहरी बांध की पीएसपी परियोजना के लोकार्पण के लिए जल्द आ सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी – The Hill News

Uttarakhand: टिहरी बांध की पीएसपी परियोजना के लोकार्पण के लिए जल्द आ सकते हैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

नई दिल्ली। उत्तराखंड के टिहरी बांध की 1000 मेगावाट क्षमता वाली पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना के लोकार्पण के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जल्द ही टिहरी पहुंचने की संभावना है। सरकारी सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री इस माह के अंत या जून के पहले सप्ताह में टिहरी का दौरा कर सकते हैं। इस प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए जिला प्रशासन और टीएचडीसी (टिहरी हाइड्रो डेवलपमेंट कॉरपोरेशन) प्रबंधन ने अपनी तैयारियां युद्ध स्तर पर शुरू कर दी हैं। प्रधानमंत्री की एक विशाल जनसभा टिहरी झील के किनारे स्थित कोटीकॉलोनी में प्रस्तावित है, जिसे लेकर प्रशासनिक सक्रियता काफी बढ़ गई है।

राष्ट्र को समर्पित होगी देश की पहली वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज परियोजना

टिहरी बांध की पीएसपी परियोजना न केवल उत्तराखंड बल्कि पूरे देश के लिए तकनीकी रूप से एक मील का पत्थर है। लगभग 8 हजार करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना देश की पहली ‘वेरिएबल स्पीड पंप स्टोरेज’ परियोजना है। इसकी खासियत यह है कि यह बिजली की मांग और आपूर्ति के अनुसार उत्पादन को तत्काल नियंत्रित करने में सक्षम है। वर्तमान में टिहरी बांध 1000 मेगावाट और कोटेश्वर बांध 400 मेगावाट बिजली का उत्पादन कर रहे हैं। इस नई इकाई के जुड़ने से टिहरी हाइड्रो पावर कॉम्प्लेक्स की कुल क्षमता 2400 मेगावाट तक पहुंच जाएगी। प्रधानमंत्री इस ऐतिहासिक परियोजना को राष्ट्र को समर्पित करेंगे।

मेडिकल कॉलेज और क्षेत्रीय विकास की नई उम्मीदें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने इस दौरे के दौरान केवल लोकार्पण तक ही सीमित नहीं रहेंगे। संभावना जताई जा रही है कि वे टिहरी मेडिकल कॉलेज की आधारशिला भी रख सकते हैं, जो क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक बड़ी उपलब्धि होगी। इसके अतिरिक्त, टिहरी बांध प्रभावितों की लंबे समय से लंबित पुनर्वास की समस्याओं, राज्य को मिलने वाली रॉयल्टी के मुद्दे, रिंग रोड परियोजना और अन्य क्षेत्रीय विकास योजनाओं पर भी प्रधानमंत्री का विशेष ध्यान रहने की संभावना है। स्थानीय स्तर पर उम्मीद जताई जा रही है कि प्रधानमंत्री के आगमन से इन रुके हुए कार्यों को नई गति मिलेगी।

विधायक किशोर उपाध्याय ने दिया न्योता

इस दौरे की अहमियत को देखते हुए टिहरी से विधायक किशोर उपाध्याय ने देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात की और प्रधानमंत्री को टिहरी आने का विधिवत न्योता दिया। उपाध्याय ने बताया कि पूर्व में यह कार्यक्रम 14 अप्रैल को तय था, लेकिन अपरिहार्य कारणों से इसे स्थगित करना पड़ा था। उस समय प्रधानमंत्री ने स्वयं टिहरी आने की इच्छा प्रकट की थी। विधायक का मानना है कि प्रधानमंत्री की उपस्थिति बांध प्रभावितों के घावों पर मरहम लगाने और रॉयल्टी जैसे गंभीर वित्तीय मुद्दों को सुलझाने में सहायक सिद्ध होगी।

संघर्ष और विकास की कहानी: पुरानी टिहरी की यादें

टिहरी बांध वर्तमान में नौ राज्यों को रोशन कर रहा है और दिल्ली व उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों की प्यास बुझा रहा है, लेकिन इसकी सफलता के पीछे हजारों परिवारों का बलिदान छिपा है। इस विशाल परियोजना के कारण ऐतिहासिक पुरानी टिहरी शहर पूरी तरह जलमग्न हो गया था। बांध निर्माण के दौरान 37 गांव पूरी तरह झील में समा गए थे और 88 गांव आंशिक रूप से प्रभावित हुए थे। प्रभावित परिवारों को नई टिहरी, देहरादून और ऋषिकेश जैसे क्षेत्रों में पुनर्वासित तो किया गया, लेकिन उनकी कई समस्याएं अब भी अनसुलझी हैं। प्रधानमंत्री के इस दौरे को इन संघर्षरत परिवारों के अधिकारों की बहाली से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

प्रशासनिक स्तर पर प्रधानमंत्री की सुरक्षा और जनसभा के आयोजन को लेकर लगातार बैठकें की जा रही हैं। कोटीकॉलोनी और आसपास के क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण और सुरक्षा घेरा तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री कार्यालय भी इस दौरे को लेकर केंद्र के साथ निरंतर संपर्क में है। यदि प्रधानमंत्री का यह दौरा निर्धारित समय पर होता है, तो यह टिहरी के विकास और ऊर्जा क्षेत्र में उत्तराखंड के बढ़ते दबदबे के लिए एक नया अध्याय साबित होगा।

 

Pls read:Uttarakhand: पैतृक गांव पंचूर पहुंच सकते हैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *