नई दिल्ली/अयोध्या। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को रामनगरी अयोध्या पहुंचे। उनके इस दौरे का मुख्य उद्देश्य आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से भेंट करना और रामलला के दर्शन करना था। अयोध्या में इस समय देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू भी प्रवास पर हैं। इस खास अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, तीनों ने मिलकर भव्य राम जन्मभूमि मंदिर में भगवान राम के दर्शन किए और विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
मंदिर में दर्शन पूजन के उपरांत योगी आदित्यनाथ ने उपस्थित जनसमूह और मीडिया को संबोधित करते हुए पूर्ववर्ती सरकारों और उनके नेताओं पर जमकर प्रहार किया। उन्होंने विपक्षी दलों की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जिस आस्था को पहले अंधविश्वास बताकर अपमानित किया जाता था, आज वही आस्था पूरी दुनिया के सामने गौरव के साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि आस्था को अपमानित करने वाले वही लोग हैं, जो लंबे समय तक उत्तर प्रदेश या देश की सत्ता पर काबिज रहे।
योगी आदित्यनाथ ने पिछली सरकारों के दोहरे मापदंडों का उदाहरण देते हुए नोएडा से जुड़े एक पुराने अंधविश्वास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहने वाले नेता अपनी कुर्सी बचाने के डर से नोएडा जाने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे। उनके लिए अपनी सत्ता बचाने का यह डर कोई अंधविश्वास या रूढ़िवादिता नहीं था, बल्कि वे इसे बहुत सहजता से लेते थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग अपनी निजी स्वार्थों और सत्ता के लिए अंधविश्वास पालते थे, वही लोग राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण और मथुरा-वृंदावन के विकास की बातों को अंधविश्वास का पर्याय मानते थे।
उन्होंने आगे कहा कि काशी और मथुरा जैसे पवित्र स्थलों के पुनरुद्धार की चर्चा करना उन लोगों की नजर में पिछड़ापन था, जो केवल अपनी सत्ता सुरक्षित रखने में विश्वास रखते थे। योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि आज अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण उन सभी अपमानों का जवाब है जो वर्षों तक भारतीय संस्कृति और विश्वास पर किए गए। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की उपस्थिति में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि अब देश अपनी विरासत पर गर्व करना सीख चुका है।
दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री ने माता अमृतानंदमयी से भी मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। उन्होंने कहा कि संतों का मार्गदर्शन ही राज्य को प्रगति के पथ पर ले जाने की प्रेरणा देता है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के साथ मंदिर परिसर का भ्रमण करते हुए उन्होंने अयोध्या में चल रहे विकास कार्यों और श्रद्धालुओं के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। योगी आदित्यनाथ के इस बयान ने एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में पुरानी कार्यप्रणाली और सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की बहस को तेज कर दिया है।