देहरादून, 28 फरवरी: उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में 30 से ज्यादा लूट की घटनाओं को अंजाम…
Category: क्राइम
AIIMS ऋषिकेश की महिला चिकित्सक से आपरेशन के दौरान छेड़खानी करने वाला नर्सिंग अफसर गिरफ्तार
ऋषिकेश: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ऋषिकेश में सर्जरी विभाग में तैनात एक महिला चिकित्सक ने पुरुष नर्सिंग अधिकारी पर छेड़खानी का आरोप लगाया है। सोमवार रात इस मामले में महिला चिकित्सक ने एम्स पुलिस चौकी पर तहरीर दी। इसके आधार पर पुलिस ने नर्सिंग अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया था। जब आरोपित की गिरफ्तारी नहीं हुई तो मंगलवार को एम्स के चिकित्सकों ने कार्रवाई की मांग को लेकर जमकर हंगामा किया। देर शाम पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, एम्स प्रशासन ने आरोपित नर्सिंग अधिकारी को निलंबित कर दिया है। क्या है मामला? एम्स सर्जरी विभाग के आपरेशन थिएटर में सोमवार शाम सात बजे महिला चिकित्सक पर नर्सिंग अधिकारी सतीश कुमार द्वारा छेड़छाड़ करने का आरोप है। महिला चिकित्सक का आरोप है कि सतीश कुमार ने आपरेशन के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया और उन्हें स्पर्श करने का प्रयास किया। इसके बाद सतीश कुमार ने उन्हें वाट्सएप पर अनुचित संदेश भेजे और फांसी की फोटो भेजकर उनका मानसिक उत्पीड़न भी किया। एम्स के चिकित्सकों का प्रदर्शन मंगलवार को एम्स के चिकित्सकों को इस घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने आरोपित की गिरफ्तारी को लेकर एम्स परिसर में प्रदर्शन शुरू कर दिया। चिकित्सकों ने कार्रवाई की मांग को लेकर कई घंटे तक हंगामा किया। पुलिस कार्रवाई और निलंबन ऋषिकेश कोतवाली प्रभारी निरीक्षक शंकर सिंह बिष्ट ने बताया कि महिला चिकित्सक की तहरीर पर मंगलवार शाम को आरोपित नर्सिंग अधिकारी सतीश कुमार निवासी राजस्थान के खिलाफ छेड़छाड़ करने व धमकी देने संबंधी धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। शाम को पुलिस ने आरोपित को एम्स से गिरफ्तार किया है। एम्स के जनसंपर्क अधिकारी संदीप कुमार ने कहा कि यह गंभीर मामला है। एम्स प्रशासन ने आरोपित नर्सिंग अधिकारी सतीश कुमार को निलंबित कर दिया है। आगे की कार्रवाई आरोपित से पूछताछ की जा रही है। पुलिस आगे की जाँच कर रही है। यह पढ़ेंःSC: सुप्रीम कोर्ट…
Uttarakhand: मसूरी के पास खाई में गिरी कार, दो की मौत
देहरादून। मसूरी रोड पर शिखर फॉल के पास एक कार के खाई में गिरने से एक…
Uttarakhand: गढ़वाली समुदाय के लोगों को गाली देने वाले दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार
देहरादून। गढ़वाली समुदाय को गाली देने वाले युवक को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर…
Uttarakhand: पुलिस कांस्टेबल के 10 वर्षीय बेटे का पार्क से अपहरण, जांच में जुटी पुलिस
काशीपुर: आवास विकास कालोनी के पार्क में खेलने गया पुलिस कांस्टेबल का 10 वर्षीय पुत्र अचानक लापता हो गया है। पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज खंगाल कर बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। न्यू आवास विकास निवासी और उत्तर प्रदेश पुलिस में कांस्टेबल रविंद्र कुमार ने दी तहरीर में बताया कि उनका 10 वर्षीय बेटा रचित मंगलवार शाम पांच बजे घर के पास पार्क में खेलने गया था। रात तक भी वह वापस नहीं लौटा तो परिवार वालों ने आसपास तलाश की लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, रचित खेलने के बाद रेलवे कालोनी की तरफ गया था और वहां एक टंकी से पानी पीते देखा गया था। सीसीटीवी फुटेज में भी वह बैग लेकर पार्क की तरफ जाते हुए दिख रहा है, लेकिन उसके बाद की लोकेशन का पता नहीं चल पाया है। कोतवाल आशुतोष कुमार सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर अपहरण का मामला दर्ज कर अलग–अलग टीमों को बच्चे की बरामदगी के लिए लगाया गया है। रविंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें रात में घटना की जानकारी मिलते ही वह बुधवार सुबह काशीपुर पहुंच गए। उनका किसी से कोई विवाद या रंजिश भी नहीं है।
Uttarakhand: अंडरवर्ल्ड डान प्रकाश पांडे बना योगी प्रकाशनाथ, नाथ संप्रदाय के आर्चाय दंडीनाथ महाराज ने जेल में दी दीक्षा
हल्द्वानी। आखिरकार अंडरवर्ल्ड डान प्रकाश पांडे उर्फ पीपी योगी प्रकाशनाथ बन गया। काठमांडू के नाथ संप्रदाय…
Uttarakhand: रिश्तों को शर्मशार करने वाले जीजा को 20 साल की सजा, DNA ने खोला राज
हल्द्वानी: एक नाबालिग से दुष्कर्म कर उसे गर्भवती करने के मामले में विशेष न्यायाधीश पाक्सो नंदन सिंह राणा की अदालत ने दोषी जीजा को 20 साल की सजा सुनाई है। यह मामला इसलिए भी चर्चा में रहा क्योंकि शुरुआत में पीड़िता के चचेरे भाई पर आरोप लगा था, जिसने बाद में आत्महत्या कर ली थी। क्या था मामला? फरवरी 2020 में नैनीताल में एक नाली में नवजात शिशु मिला था। जाँच में पता चला कि 15 वर्षीय एक किशोरी ने बच्चे को जन्म दिया था। पीड़िता ने अपने नाबालिग चचेरे भाई पर दुष्कर्म का आरोप लगाया। पुलिस ने किशोर को बाल सुधार गृह भेज दिया और DNA सैंपल लिया। कुछ दिनों बाद किशोर ने आत्महत्या कर ली। DNA रिपोर्ट में किशोर और नवजात का DNA अलग–अलग निकला। मृतक किशोर के परिवार ने पीड़िता के जीजा समेत चार लोगों का DNA टेस्ट कराने की मांग की। रिपोर्ट में पीड़िता के जीजा ही बच्चे का जैविक पिता निकला। अदालत ने दोषी जीजा को 20 साल की सजा और 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया। मामले के मुख्य बिंदु: DNA रिपोर्ट ने मामले का रुख बदल दिया और असली दोषी का पर्दाफाश किया। यह मामला रिश्तों की मर्यादा को तार–तार करने वाला है। शुरुआत में गलत आरोप लगने के कारण एक निर्दोष किशोर ने अपनी जान दे दी। यह घटना समाज में नैतिक मूल्यों के पतन और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों की ओर इशारा करती है।…
Uttarakhand: एक व्यक्ति के गुप्तांग पर एसिड अटैक, अंजान था हमलावर
अल्मोड़ा। दन्यां क्षेत्र में दिल दहलाने वाला एसिड अटैक की घटना सामने आई है। काम से…
Uttarakhand: 14 गढ़वाल में तैनात जवान की सड़क हादसे में मौत
चमोली जनपद के देवाल विकास खंड में एक वाहन दुर्घटना में बत्तीस वर्षीय भारतीय सेना के…
Uttarakhand: कारगिल शहीद के परिजनों से 44 लाख ठगने के मामले में पांच गिरफ्तार
देहरादून: उत्तराखंड एसटीएफ ने दिल्ली से पांच साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने कारगिल युद्ध में शहीद हुए एक कीर्ति चक्र विजेता कैप्टन के परिजनों से 44 लाख रुपये की ठगी की थी। ग्रांट बंद होने का दिया झांसा ठगों ने शहीद के परिजनों को फोन कर बताया कि उनके बेटे की कीर्ति चक्र ग्रांट बंद कर दी गई है, और इसे दोबारा शुरू कराने के लिए उन्हें कुछ रकम जमा करनी होगी। उन्होंने खुद को सैनिक कल्याण बोर्ड और रक्षा मंत्रालय का अधिकारी बताकर परिजनों का विश्वास जीता। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर ठगी विभिन्न प्रोसेसिंग फीस और शुल्क के नाम पर ठगों ने परिजनों से कुल 44 लाख रुपये अपने खातों में जमा करा लिए। जब ग्रांट की राशि उनके खाते में नहीं आई तो परिजनों को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। एसटीएफ ने की कार्रवाई मामले की जांच के बाद एसटीएफ ने दिल्ली के लक्ष्मीनगर इलाके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 20 मोबाइल फोन, 2 लैपटॉप, 42 डेबिट कार्ड, 15 फर्जी पहचान पत्र बरामद हुए हैं। देश भर में फैला है नेटवर्क पुलिस के मुताबिक, इन ठगों का नेटवर्क देश भर में फैला हुआ है और उनके पास कारगिल युद्ध के शहीदों के परिवारों की सूची है। वे इन परिवारों को फोन कर ग्रांट बंद होने और दोबारा शुरू करने का झांसा देकर ठगी करते हैं। पुलिस ने दी चेतावनी पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे किसी भी फोन कॉल पर विश्वास न करें और किसी भी तरह की जानकारी या पैसे देने से पहले संबंधित विभाग से संपर्क करें। शहीदों के परिजनों के साथ धोखाधड़ी की कड़ी निंदा इस घटना की चारों ओर कड़ी निंदा हो रही है। लोगों का कहना है कि शहीदों के परिजनों के साथ इस तरह की धोखाधड़ी करना बेहद शर्मनाक है। pls read:Uttarakhand:…