Himachal: भाजपा विधायक हंसराज पर यौन शोषण मामले में कोर्ट ने तय किए आरोप, 30 मार्च को होगी अगली सुनवाई

चंबा। हिमाचल प्रदेश के चुराह विधानसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के विधायक डॉ. हंसराज के विरुद्ध चल रहे यौन शोषण और पोक्सो मामले में न्यायिक प्रक्रिया तेज हो गई है। वीरवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने विधायक के खिलाफ आधिकारिक रूप से आरोप तय कर दिए हैं। अदालत ने इस संवेदनशील मामले की अगली सुनवाई के लिए 30 मार्च की तिथि निर्धारित की है। इस दिन विधायक और पीड़िता दोनों को अनिवार्य रूप से अदालत में हाजिर होने का आदेश दिया गया है।

सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया कि 30 मार्च को पीड़िता के बयान ‘इन-कैमरा’ यानी कैमरे के समक्ष दर्ज किए जाएंगे ताकि उनकी पहचान और गरिमा सुरक्षित रहे। विधायक हंसराज वीरवार को खुद कोर्ट में पेश हुए थे। यह पूरा मामला 7 नवंबर 2025 को तब शुरू हुआ था, जब चुराह क्षेत्र की एक युवती ने सोशल मीडिया के माध्यम से विधायक पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए थे। युवती का दावा है कि जब वह नाबालिग थी, तब विधायक ने उसे बहला-फुसलाकर उसका यौन शोषण किया था। शिकायत के आधार पर महिला थाना चंबा में पोक्सो एक्ट और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।

कानूनी घटनाक्रम के अनुसार, विधायक ने गिरफ्तारी से बचने के लिए 10 नवंबर 2025 को अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। शुरुआत में उन्हें अंतरिम जमानत मिली, जिसे बाद में 27 नवंबर 2025 को नियमित जमानत में बदल दिया गया। इस दौरान विधायक ने अदालत को भरोसा दिलाया था कि वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे। पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए विधायक से चार बार कड़ी पूछताछ की और साक्ष्य जुटाने के लिए उनकी पत्नी के बयान भी दर्ज किए।

जांच का दायरा केवल चंबा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कड़ियां जोड़ने के लिए मंडी जिले के नाचन से विधायक विनोद कुमार से भी पूछताछ की गई। मामले में नया मोड़ तब आया था जब युवती के पिता ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी पर बयान बदलने के लिए दबाव बनाया गया और उन्हें शिमला ले जाकर डराया-धमकाया गया। इस शिकायत पर विधायक के निजी सचिव सहित एक अन्य व्यक्ति पर भी मामला दर्ज किया गया था।

पुलिस ने अपनी सघन जांच के बाद 21 जनवरी 2026 को अदालत में चालान पेश कर दिया था। अब 30 मार्च को अभियोजन पक्ष के गवाहों की पेशी होगी। विधायक हंसराज के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 238, 351(2), 69, 75 और 78 के साथ-साथ आईपीसी की धारा 376(2)(एफ) और पोक्सो अधिनियम की धारा-6 के तहत आरोप तय हुए हैं। ये धाराएं यौन हमला और नाबालिग से दुराचार जैसे गंभीर अपराधों से संबंधित हैं। क्षेत्र की जनता और राजनीतिक हलकों की नजरें अब 30 मार्च को होने वाली अदालती कार्यवाही पर टिकी हैं।

 

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