शिमला। हिमाचल प्रदेश में आगामी पंचायतीराज चुनावों की औपचारिक तिथियों का अभी ऐलान होना बाकी है, लेकिन भारतीय जनता पार्टी ने अपनी चुनावी तैयारियों को धार देना शुरू कर दिया है। पार्टी ने जमीनी स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से जिला परिषद सदस्यों के लिए संभावित और प्रभावशाली प्रत्याशियों की खोज तेज कर दी है। इसके लिए भाजपा ने संगठनात्मक स्तर पर विशेष कमेटियों का गठन किया है, जो विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर जिताऊ उम्मीदवारों की पहचान करने के कार्य में जुट गई हैं।
भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने जिला स्तरीय कमेटियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्रों से ऐसे उम्मीदवारों के नाम प्रस्तावित करें जो न केवल संगठन के प्रति वफादार हों, बल्कि जिनमें चुनाव जीतने की प्रबल क्षमता भी हो। कमेटियों से कहा गया है कि वे प्रत्येक वार्ड के लिए संभावित प्रत्याशियों की एक विस्तृत सूची तैयार करें। पार्टी का मुख्य ध्यान ऐसे चेहरों पर है जिनकी स्थानीय समाज में गहरी पैठ हो और जो आम जनता के बीच लोकप्रिय एवं सक्रिय रहे हों।
पार्टी ने पंचायत चुनावों की पूरी रणनीति तैयार करने और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया की देखरेख के लिए एक उच्चस्तरीय कमेटी बनाई है, जिसकी कमान पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार को सौंपी गई है। विपिन परमार के नेतृत्व में यह कमेटी जिला स्तर से प्राप्त होने वाले नामों की सूक्ष्मता से समीक्षा करेगी। कमेटी इस बात का भी आकलन करेगी कि किस क्षेत्र की राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के अनुसार किस तरह के उम्मीदवार को मैदान में उतारना लाभदायक रहेगा। अंतिम सूची तैयार होने के बाद उसे पार्टी हाईकमान के पास भेजा जाएगा, जहां से उम्मीदवारों के नामों पर अंतिम मुहर लगेगी।
उम्मीदवारों के चयन के लिए पार्टी ने कुछ कड़े मापदंड निर्धारित किए हैं। इसमें व्यक्ति का संगठनात्मक अनुभव, उसकी बेदाग सामाजिक छवि और स्थानीय समीकरणों में उसकी मजबूती को प्रमुख आधार बनाया जाएगा। भाजपा का प्राथमिक उद्देश्य पंचायत स्तर पर अपने संगठन को और अधिक सशक्त करना और अधिक से अधिक सीटों पर विजय प्राप्त करना है। पार्टी की इस समयपूर्व सक्रियता और रणनीतिक योजना से यह स्पष्ट है कि भाजपा स्थानीय निकाय चुनावों को बेहद गंभीरता से ले रही है और वह जीत सुनिश्चित करने के लिए कोई भी कोर-कसर बाकी नहीं छोड़ना चाहती।