हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के सप्तऋषि क्षेत्र में रविवार को एक भीषण सड़क हादसा हो गया, जिसमें राजस्थान से आए श्रद्धालुओं की खुशियां मातम में बदल गईं। श्रद्धालुओं से भरी एक निजी बस अचानक अनियंत्रित होकर सड़क पर ही पलट गई। इस दर्दनाक दुर्घटना में राजस्थान के नागौर जिले की निवासी एक महिला श्रद्धालु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बस में सवार लगभग 16 अन्य यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, राजस्थान के नागौर जिले से श्रद्धालुओं का एक बड़ा समूह पवित्र गंगा में आस्था की डुबकी लगाने और तीर्थाटन के उद्देश्य से हरिद्वार पहुंचा था। मृत महिला अपने भाई और परिवार के अन्य करीबी सदस्यों के साथ इस यात्रा पर आई थी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बस की गति काफी तेज थी और सप्तऋषि क्षेत्र के पास एक मोड़ पर चालक अचानक वाहन पर से अपना संतुलन खो बैठा। बस पहले लहराई और फिर सड़क के बीचों-बीच पलट गई।
हादसे के समय का दृश्य अत्यंत भयावह था। बस के पलटते ही भीतर फंसे यात्री जान बचाने के लिए गुहार लगाने लगे। इसी दौरान घटनास्थल पर एक और दुर्घटना हुई, जिसने दहशत को दोगुना कर दिया। बस के अनियंत्रित होने के समय ही वहां से गुजर रहा एक भारी डंपर भी बेकाबू हो गया। वह डंपर सीधे सड़क किनारे स्थित एक ढाबे की दीवार तोड़ते हुए भीतर जा घुसा। एक ही समय में दो बड़े वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। ढाबे में मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए बाहर की ओर भागे।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस प्रशासन और बचाव दल तुरंत हरकत में आए। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों की सक्रिय मदद से बस की खिड़कियां और कांच तोड़कर भीतर फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें तत्काल एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल और अन्य नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों के अनुसार, घायलों में से कुछ की स्थिति काफी गंभीर बनी हुई है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर करने की तैयारी की जा रही है।
पुलिस ने मृत महिला के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। महिला की मौत की खबर सुनते ही उसके भाई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गंगा स्नान की योजना बनाकर आए इस परिवार के लिए यह यात्रा एक कभी न भूलने वाला दुखद अध्याय बन गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि हादसा किसी तकनीकी खराबी के कारण हुआ या फिर चालक की लापरवाही इसकी मुख्य वजह थी।
इस दोहरे हादसे ने हरिद्वार के व्यस्त राजमार्ग पर यातायात व्यवस्था को भी कुछ समय के लिए बाधित कर दिया। पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस और ढाबे में घुसे डंपर को हटाने की प्रक्रिया शुरू की ताकि मार्ग को सुचारू किया जा सके। स्थानीय प्रशासन ने भी घायलों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इस घटना ने एक बार फिर चारधाम यात्रा और पर्यटन सीजन के दौरान भारी वाहनों की सुरक्षा और उनकी गति सीमा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, पुलिस मामले की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर रही है और घायलों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है।