Punjab: पंजाब में सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल और डॉ. बलजीत कौर ने गिनाई सरकार की उपलब्धियां

चंडीगढ़। पंजाब की भगवंत सिंह मान सरकार ने पिछले चार वर्षों (2022-2026) के दौरान सामाजिक सुरक्षा, महिला कल्याण और बाल विकास के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की हैं। सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने इन सफलताओं का ब्यौरा देते हुए कहा कि सरकार ने समाज के सबसे कमजोर वर्गों को मुख्यधारा में लाने के लिए पारदर्शी और समावेशी शासन का मॉडल पेश किया है।

मंत्री ने बताया कि सरकार ने आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि वाले 5.2 लाख से अधिक नए पंजाबियों को सामाजिक सुरक्षा पेंशन के दायरे में जोड़ा है। अब तक लगभग 35.7 लाख बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों को 23,102 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वितरित की जा चुकी है। पिछली सरकारों के दौरान प्रशासनिक अनदेखी और फर्जीवाड़े को खत्म करने के लिए सरकार ने पेंशन रिकॉर्ड का गहन सत्यापन कराया, जिसमें 1.9 लाख मृत या अपात्र पेंशनरों की पहचान कर उन्हें हटाया गया। इस सुधारात्मक कदम से सरकारी खजाने को सालाना 350 करोड़ रुपये की बचत हो रही है। साथ ही, अपात्र खातों में जमा पड़ी 450 करोड़ रुपये की लावारिस राशि को भी रिकवर कर जन कल्याण के लिए वापस लाया गया है।

बुजुर्गों के सम्मान के लिए शुरू किए गए “साडे बुजुर्ग साडा माण” अभियान के तहत कैंप लगाकर 20,110 बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाएं, चश्मे और वरिष्ठ नागरिक कार्ड प्रदान किए गए। मानसा में 9.12 करोड़ रुपये की लागत से 72 बिस्तरों वाला सरकारी वृद्धाश्रम बनाया गया है। बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा के लिए जिला स्तर पर ट्रिब्यूनल सक्रिय किए गए हैं, जहाँ 1,120 मामलों का निपटारा किया गया।

महिलाओं के लिए “मुफ्त बस यात्रा योजना” गेम-चेंजर साबित हुई है। इस पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, जिससे हर महीने करीब 1.20 करोड़ महिलाएं सुरक्षित और स्वतंत्र यात्रा कर रही हैं। कामकाजी महिलाओं के लिए मोहाली, जालंधर और अमृतसर में 150 करोड़ रुपये की लागत से पांच आधुनिक हॉस्टल बनाए जा रहे हैं। मासिक धर्म स्वच्छता को बढ़ावा देने वाली “नवी दिशा योजना” के तहत 13.65 लाख महिलाओं को 7.37 करोड़ मुफ्त सैनिटरी पैड बांटे गए हैं।

बच्चों के भविष्य को संवारने के लिए 1,000 नए आंगनवाड़ी केंद्र बनाए जा रहे हैं और 4,400 कार्यकर्ताओं की भर्ती पूरी हो चुकी है। “पोषण भी पढ़ाई भी” अभियान के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों को बुनियादी शिक्षा के केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। बाल सुरक्षा के क्षेत्र में “प्रोजेक्ट जीवनजोत” के माध्यम से 1,027 बच्चों को भीख मांगने और शोषण के चंगुल से छुड़ाया गया है। बाल विवाह के खिलाफ सख्ती बरतते हुए 150 से अधिक मामलों को रोका गया। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार का लक्ष्य पंजाब के हर जरूरतमंद घर तक खुशहाली पहुँचाना है।

 

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