ऋषिकेश। उत्तराखंड के ऋषिकेश में मुनि की रेती थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले साईं घाट पर एक बड़ा हादसा हो गया। यहाँ राजस्थान से अपने परिवार के साथ घूमने आए एक युवक की गंगा में नहाने के दौरान डूबने की खबर सामने आई है। युवक तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया, जिसके बाद से उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुँचकर व्यापक सर्च अभियान शुरू कर दिया है।
एसडीआरएफ के इंस्पेक्टर कवींद्र सजवान ने घटना के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि रेस्क्यू टीम के डीप डाइवर्स और अन्य जवान गंगा की लहरों के बीच संभावित स्थानों पर युवक की तलाश कर रहे हैं। पानी का बहाव तेज होने के कारण सर्च ऑपरेशन में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन टीम आधुनिक उपकरणों की मदद से लगातार खोजबीन में जुटी हुई है। घटनास्थल पर जल पुलिस और स्थानीय पुलिस के जवान भी मौजूद हैं, जो संयुक्त रूप से इस रेस्क्यू ऑपरेशन को संचालित कर रहे हैं।
लापता युवक की पहचान श्याम के रूप में हुई है, जो जोधपुर, राजस्थान की चंद कॉलोनी, दीनाला नाडा का निवासी है। श्याम के पिता का नाम सवाई जागीर है। बताया जा रहा है कि वह अपने माता-पिता के साथ ऋषिकेश और तपोवन की यात्रा पर आया था। परिवार में खुशी का माहौल था, लेकिन साईं घाट पर स्नान के दौरान हुए इस हादसे ने परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, युवक किनारे पर ही नहा रहा था, लेकिन अचानक पैर फिसलने या लहरों के दबाव के कारण वह गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते आंखों से ओझल हो गया।
ऋषिकेश और आसपास के क्षेत्रों में गंगा के बढ़ते जलस्तर और तेज वेग के कारण प्रशासन लगातार चेतावनी जारी करता रहता है, इसके बावजूद इस तरह के हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। केवल श्याम ही नहीं, बल्कि गंगा की लहरों में एक अन्य युवक की तलाश भी कई दिनों से जारी है।
एसडीआरएफ की टीम ने बताया कि छह जून को कौड़ियाला के समीप गंगा के तेज बहाव में बहे आशीष जैन का भी अब तक कुछ पता नहीं चल सका है। आशीष जैन की तलाश में भी रेस्क्यू टीमें पिछले कई दिनों से दिन-रात एक कर रही हैं। इसके लिए भी डीप डाइविंग उपकरणों और आधुनिक बचाव संसाधनों का उपयोग किया जा रहा है। कौड़ियाला से लेकर ऋषिकेश तक के विभिन्न घाटों और संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
मुनि की रेती और तपोवन क्षेत्र में पर्यटकों की भारी भीड़ के मद्देनजर प्रशासन ने एक बार फिर अपील की है कि वे गंगा के किनारे स्नान करते समय विशेष सावधानी बरतें। घाटों पर बने सुरक्षा घेरों का उपयोग करें और गहरे पानी में जाने का जोखिम न लें। फिलहाल रेस्क्यू टीमें श्याम और आशीष जैन दोनों की तलाश में जुटी हुई हैं, लेकिन समाचार लिखे जाने तक सफलता हाथ नहीं लगी है। पीड़ित परिवारों की आंखों के आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। रेस्क्यू अभियान को अगले कुछ घंटों तक और सघनता से चलाने की योजना है।