देहरादून। उत्तराखंड में लोकतंत्र की बुनियाद यानी मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन और पारदर्शी बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने कमर कस ली है। इसी क्रम में प्रदेश में ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ (एसआईआर) कार्यक्रम का औपचारिक आगाज हो गया है। इस महत्वपूर्ण अभियान के तहत सचिवालय में एक शिष्टाचार भेंट के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.वी.आर.सी. पुरुषोत्तम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पहला ‘गणना फॉर्म’ सौंपा। यह कदम राज्य में मतदाता सूची के शुद्धिकरण और अद्यतन की प्रक्रिया को गति देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
सचिवालय में आयोजित इस संक्षिप्त बैठक के दौरान मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने मुख्यमंत्री को अभियान की बारीकियों और उद्देश्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के कड़े निर्देशों के तहत यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य लक्ष्य मतदाता सूची को हर प्रकार की विसंगतियों से मुक्त करना है। चुनाव आयोग की मंशा है कि प्रदेश का कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित न रहे और साथ ही सूची में किसी भी प्रकार की फर्जी या गलत प्रविष्टि न रहे।
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