Punjab: अमेरिका में नीलाम हुआ पंजाब एमएलए हॉस्टल का हेरिटेज फर्नीचर विधानसभा स्पीकर ने दिए जांच के आदेश – The Hill News

Punjab: अमेरिका में नीलाम हुआ पंजाब एमएलए हॉस्टल का हेरिटेज फर्नीचर विधानसभा स्पीकर ने दिए जांच के आदेश

चंडीगढ़। चंडीगढ़ स्थित पंजाब एमएलए हॉस्टल की ऐतिहासिक विरासत से जुड़ी बेशकीमती वस्तुओं के अमेरिका में नीलाम होने का एक गंभीर मामला सामने आया है। शिकागो में हाल ही में हुए एक ऑक्शन में एमएलए हॉस्टल के हेरिटेज फर्नीचर को भारी कीमतों पर बेचा गया, जिसके बाद पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने इस पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। यह नीलामी न केवल सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि भारतीय विरासत के संरक्षण की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी बड़ी चुनौती दे रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अमेरिका के शिकागो स्थित ऑक्शन हाउस ‘राइट’ द्वारा पंजाब एमएलए हॉस्टल से जुड़ी दो हेरिटेज कुर्सियों और चार स्टूलों की नीलामी की गई है। इस नीलामी में इन वस्तुओं की कुल कीमत 72,720 डॉलर यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 59 लाख रुपये लगी है। रिपोर्ट के मुताबिक, नीलामी का यह सिलसिला अभी भी जारी है और कई अन्य सामानों की बोली लगाई जा रही है। इस घटनाक्रम ने चंडीगढ़ प्रशासन और पंजाब सरकार के भीतर हड़कंप मचा दिया है।

हेरिटेज प्रोटेक्शन सेल के सदस्य और एडवोकेट अजय जग्गा ने इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और विधानसभा स्पीकर को एक पत्र लिखकर औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि नीलामी में केवल दो कुर्सियां ही करीब 42 लाख रुपये में बिकीं, जबकि स्टूलों की कीमत 17 लाख रुपये के आसपास रही। जग्गा ने अपनी शिकायत में इस बात पर गहरी चिंता जताई कि गृह मंत्रालय के सख्त दिशा-निर्देशों और चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा गठित विशेष हेरिटेज कमेटी की निगरानी के बावजूद, शहर की ऐतिहासिक वस्तुएं लगातार विदेशों में कैसे पहुंच रही हैं।

पंजाब विधानसभा के स्पीकर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे ‘कैपिटल प्रोजेक्ट’ की सुरक्षा में बड़ी सेंध माना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस बात की गहन पड़ताल की जाएगी कि एमएलए हॉस्टल का यह फर्नीचर हॉस्टल परिसर से बाहर कैसे निकला और इसे देश की सीमा पार कर अमेरिका तक कैसे पहुंचाया गया। गौरतलब है कि चंडीगढ़ का निर्माण करने वाले प्रसिद्ध वास्तुकार ली कार्बिजियर और उनके सहयोगियों द्वारा तैयार किया गया यह फर्नीचर ऐतिहासिक और कलात्मक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

विरासत संरक्षण से जुड़े विशेषज्ञों का दावा है कि पिछले एक दशक में चंडीगढ़ और पंजाब के विभिन्न सरकारी संस्थानों से जुड़ा लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक का हेरिटेज फर्नीचर अमेरिका, फ्रांस और अन्य देशों में नीलाम किया जा चुका है। चंडीगढ़ प्रशासन ने इन संपत्तियों को सुरक्षित रखने के लिए करीब 12,000 वस्तुओं की विशेष टैगिंग भी की थी, लेकिन इसके बावजूद तस्करी और अवैध नीलामी का यह खेल रुकने का नाम नहीं ले रहा है।

यह फर्नीचर पंजाब और हरियाणा विधानसभा, हाई कोर्ट, पंजाब यूनिवर्सिटी और पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की पहचान रहा है। अजय जग्गा ने मांग की है कि भारत सरकार को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस मामले को उठाना चाहिए और इन बेशकीमती वस्तुओं की नीलामी रोकने के साथ-साथ इन्हें वापस भारत लाने के प्रयास करने चाहिए। इस ताजा नीलामी के बाद एक बार फिर सरकारी भवनों में रखे हेरिटेज फर्नीचर की सुरक्षा और उनकी इन्वेंट्री मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विधानसभा सचिवालय अब इस मामले में शामिल जिम्मेदार अधिकारियों और कड़ियों की पहचान करने में जुट गया है।

 

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