चंडीगढ़। पंजाब की गिरती कानून व्यवस्था और आम आदमी पार्टी (आप) सरकार द्वारा किए गए चुनावी वादों की अनदेखी के खिलाफ कांग्रेस ने शुक्रवार को मोर्चा खोल दिया। पंजाब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने विधानसभा घेराव का प्रयास किया। इस प्रदर्शन के लिए बड़ी संख्या में कांग्रेसी नेता और समर्थक चंडीगढ़ के सेक्टर-15 स्थित पार्टी कार्यालय में एकत्रित हुए थे। हालांकि, जैसे ही प्रदर्शनकारी विधानसभा की ओर बढ़े, चंडीगढ़ पुलिस ने उन्हें बीच रास्ते में ही रोक लिया और राजा वड़िंग समेत कई वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में ले लिया।
राजा वड़िंग ने इस दौरान सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता पाने के लिए पंजाब की जनता से जो वादे किए थे, वे केवल कागजों तक सीमित रह गए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून का शासन खत्म हो चुका है और अपराधी बेखौफ घूम रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे सरकार की ‘तानाशाही’ के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
कांग्रेस के संगठन महामंत्री कैप्टन संदीप संधू ने मंच से कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज का यह घेराव सो रही सरकार को जगाने के लिए है। उन्होंने कहा कि गिरफ्तारी से कांग्रेस कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं और वे पूरी तरह एकजुट हैं। इस प्रदर्शन में पंजाब विधानसभा के विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा भी शामिल हुए। बाजवा ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द ही जनहित के मुद्दों और बढ़ते अपराधों पर काबू नहीं पाया, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और अधिक उग्र बनाया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान महिलाओं से जुड़े वादों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। महिला कांग्रेस की प्रदेश प्रधान गुरशरण कौर ने कहा कि 2022 के चुनावों में मुख्यमंत्री ने हर वयस्क महिला को 1000 रुपये प्रति माह देने का वादा किया था, लेकिन चार साल बीतने के बावजूद प्रदेश की बहनें आज भी इस राशि का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के साथ किया गया एक बड़ा विश्वासघात करार दिया। पूर्व मंत्री गुरकीरत सिंह कोटली ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ‘आप’ सरकार केवल विज्ञापन और प्रचार की राजनीति कर रही है, जबकि जमीनी स्तर पर विकास पूरी तरह ठप है।
इस बड़े विरोध प्रदर्शन में पूर्व कैबिनेट मंत्री अनिल जोशी, रणदीप सिंह नाभा और फिरोजपुर के सांसद शेर सिंह घुबाया सहित कई अन्य सांसद व पूर्व मंत्री भी शामिल हुए। रणदीप सिंह नाभा ने वित्तीय कुप्रबंधन का आरोप लगाते हुए बताया कि मौजूदा सरकार के समय पंजाब पर कर्ज का बोझ बढ़कर चार लाख करोड़ रुपये तक पहुँच गया है। पूर्व स्पीकर राणा केपी सिंह ने भी बढ़ते अपराधों पर गहरी चिंता व्यक्त की। पूर्व मंत्री राजकुमार वेरका ने एक चौंकाने वाला दावा करते हुए कहा कि सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा से दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है, जो पंजाब में बदहाल सुरक्षा व्यवस्था का जीता-जागता सबूत है। पुलिस की कार्रवाई के बाद फिलहाल चंडीगढ़ के सेक्टर-15 क्षेत्र में तनाव बना हुआ है।
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