Uttarakhand: मालवीय नगर अग्निकांड में केशव नेगी की गिरफ्तारी पर दिल्ली मुख्यमंत्री ने दिया निष्पक्ष जांच का भरोसा

नई दिल्ली। दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में अब प्रशासनिक और राजनीतिक सक्रियता तेज हो गई है। इस हादसे के सिलसिले में उत्तराखंड निवासी केशव नेगी की गिरफ्तारी को लेकर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और संबंधित प्रतिनिधियों के बीच एक महत्वपूर्ण वार्ता हुई। इस चर्चा का मुख्य उद्देश्य केशव नेगी की गिरफ्तारी के पीछे के कारणों को समझना और उनके साथ न्याय सुनिश्चित करना था। वार्ता के दौरान रेखा गुप्ता ने स्पष्ट रूप से आश्वस्त किया कि इस पूरे प्रकरण में किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा।

मालवीय नगर अग्निकांड एक गंभीर घटना के रूप में सामने आया है, जिसकी जांच दिल्ली पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां कर रही हैं। इसी जांच की प्रक्रिया के दौरान केशव नेगी को हिरासत में लिया गया है। चूंकि वे मूल रूप से उत्तराखंड के रहने वाले हैं, इसलिए उनकी गिरफ्तारी के बाद प्रवासी उत्तराखंडी समाज में चिंता की लहर देखी जा रही थी। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से विस्तृत बातचीत की गई। उन्होंने आश्वासन दिया कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां पूरी तरह से तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर ही जांच को आगे बढ़ाएंगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाएगी ताकि सत्य सबके सामने आ सके।

इस संवेदनशील मामले में केवल प्रशासनिक संवाद ही नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार के साथ मानवीय संवेदनाएं भी प्रकट की गई हैं। केशव नेगी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी इस संबंध में बातचीत की गई है। बातचीत के दौरान कनिष्का को भरोसा दिलाया गया कि संकट की इस घड़ी में उन्हें और उनके परिवार को हर संभव सहायता मुहैया कराई जाएगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि वह अपने नागरिकों के कानूनी अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और केशव नेगी के परिवार को कानूनी व अन्य आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार है।

यह मामला अंतर-राज्यीय समन्वय और प्रवासी नागरिकों के हितों की सुरक्षा के लिहाज से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार की ओर से यह कड़ा संदेश दिया गया है कि देश भर में रह रहे उत्तराखंड के सभी प्रवासी भाई-बहनों के साथ प्रशासन हर परिस्थिति में खड़ा है। किसी भी राज्य में रह रहे प्रवासी नागरिकों को यह महसूस नहीं होना चाहिए कि वे अकेले हैं। विशेषकर जब मामला किसी कानूनी उलझन या गिरफ्तारी का हो, तब निष्पक्ष जांच की मांग और सहयोग करना सरकार की प्राथमिकता है।

 

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