Iran: ईरान के हमलों से यूएई और जॉर्डन के अमेरिका निर्मित रडार सिस्टम हुए तबाह

नई दिल्ली। मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी युद्ध और बढ़ते तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आ रही है। ईरान द्वारा किए गए हालिया हमलों ने संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और जॉर्डन को भारी सैन्य नुकसान पहुँचाया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ईरान ने इन देशों में तैनात उन अत्याधुनिक रडार प्रणालियों को सफलतापूर्वक निशाना बनाया है, जो अमेरिका द्वारा निर्मित और संचालित की जा रही थीं। इन हमलों का मुख्य उद्देश्य इन देशों की हवाई सुरक्षा व्यवस्था को पंगु बनाना और उनके रक्षा तंत्र को कमजोर करना था।

अरब प्रायद्वीप के विभिन्न सैन्य अड्डों से प्राप्त हुई नवीनतम सैटेलाइट तस्वीरों ने ईरान की इस खतरनाक रणनीति का खुलासा किया है। इन चित्रों से यह स्पष्ट होता है कि ईरान योजनाबद्ध तरीके से उन रडार केंद्रों को नष्ट कर रहा है, जो आने वाली मिसाइलों और ड्रोन का समय रहते पता लगाने में सक्षम हैं। रडार नेटवर्क को खत्म करके ईरान इन देशों के एयर डिफेंस को इस हद तक कमजोर कर रहा है कि भविष्य में होने वाले हवाई हमलों का सामना करना उनके लिए बेहद कठिन हो जाएगा।

सोमवार को जारी की गई एक सैटेलाइट इमेज से यह पुख्ता हुआ है कि ईरान ने जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी ‘थाड’ (THAAD) मिसाइल बैटरी के रडार सिस्टम पर भीषण हमला कर उसे पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। यह हमला अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर की गई सैन्य कार्रवाइयों के शुरुआती दौर के जवाब में देखा जा रहा है। जॉर्डन के मुवफ्फाक साल्टी एयर बेस पर मौजूद यह सुरक्षा प्रणाली ईरान की सीमा से लगभग 500 मील से अधिक की दूरी पर स्थित थी, फिर भी ईरानी मिसाइलों ने इसे अपना सटीक निशाना बनाया।

जॉर्डन के साथ ही संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में भी इसी तरह की तबाही की खबरें हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यूएई में दो अलग-अलग स्थानों पर रडार प्रणालियों से जुड़ी महत्वपूर्ण इमारतों पर हमला हुआ है। हालांकि, इन हमलों में तकनीकी उपकरणों को कितना भौतिक नुकसान पहुँचा है, इसकी सटीक जानकारी अभी तक सार्वजनिक नहीं हो पाई है, लेकिन सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे यूएई की सुरक्षा घेरे में बड़ी दरार आ गई है।

युद्ध के मैदान में रडार सिस्टम की भूमिका किसी भी देश के लिए सुरक्षा की पहली ढाल की तरह होती है। ये सिस्टम हाई-एंड मिसाइल इंटरसेप्टर का एक अनिवार्य हिस्सा होते हैं, जिनका उपयोग बैलिस्टिक मिसाइलों को उनके लक्ष्य की ओर बढ़ते समय हवा में ही पहचानने और उन्हें नष्ट करने के लिए किया जाता है। वर्तमान में अमेरिका दुनिया भर में कुल आठ ‘थाड’ बैटरियों का संचालन कर रहा है, जबकि यूएई के पास दो और सऊदी अरब के पास एक ऐसी सक्रिय बैटरी है। ईरान द्वारा इन संवेदनशील प्रणालियों पर प्रहार करने से खाड़ी देशों के सैन्य नेतृत्व और उनके अमेरिकी सहयोगियों की चिंता बढ़ गई है। इन घटनाओं ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि ईरान अब केवल रक्षात्मक नहीं, बल्कि आक्रामक रुख अपनाते हुए दुश्मन की आंखों को फोड़ने की रणनीति पर काम कर रहा है।

 

Pls read:US: ईरान के भविष्य के लिए डोनल्ड ट्रंप के पास हैं तीन बड़े नाम और वेनेजुएला मॉडल पर होगा काम

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *