नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ संजू सैमसन की नाबाद 97 रनों की तूफानी पारी की मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। गंभीर ने इस प्रदर्शन को संजू की उस वास्तविक क्षमता की एक झलक बताया, जिस पर टीम प्रबंधन ने हमेशा से अटूट विश्वास बनाए रखा था। ईडन गार्डन्स के ऐतिहासिक मैदान पर खेली गई इस जादुई पारी ने न केवल भारत को 5 विकेट से रोमांचक जीत दिलाई, बल्कि टीम की सेमीफाइनल में शान के साथ एंट्री भी सुनिश्चित कर दी।
मैच के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन एक विश्व स्तरीय खिलाड़ी हैं और इसमें कभी कोई संदेह नहीं था। उन्होंने कहा कि मुख्य चुनौती खिलाड़ी को सही समय पर समर्थन देने और उन पर भरोसा बनाए रखने की थी। कोच के अनुसार, आज जब भारतीय टीम एक चुनौतीपूर्ण स्थिति में थी और उसे सबसे ज्यादा जरूरत थी, तब संजू ने अपनी असली ताकत का प्रदर्शन किया। गंभीर ने उम्मीद जताई कि यह संजू के लिए एक नए और सफल अध्याय की शुरुआत है और वे आने वाले सेमीफाइनल और फाइनल मुकाबलों में भी इसी तरह का शानदार खेल दिखाएंगे।
टूर्नामेंट के इस अहम मैच में 196 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए जब भारतीय टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा रही थी, तब संजू सैमसन ने एक अकेले योद्धा की तरह मोर्चा संभाला। उन्होंने अपनी 50 गेंदों की पारी में 12 चौके और 4 छक्के जड़कर वेस्टइंडीज के गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। न्यूजीलैंड के खिलाफ पिछली सीरीज में खराब फॉर्म के कारण संजू की काफी आलोचना हो रही थी, लेकिन उन्होंने इस पारी से आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
कोच गौतम गंभीर संजू के संयम और तकनीकी कौशल से काफी प्रभावित दिखे। उन्होंने रेखांकित किया कि संजू ने कहीं भी जबरदस्ती बड़े शॉट खेलने का प्रयास नहीं किया। उन्होंने गेंद पर अपनी पूरी ताकत आजमाने के बजाय सही टाइमिंग और क्रिकेट के साधारण शॉट्स पर भरोसा किया। गंभीर ने बताया कि संजू अभ्यास सत्र के दौरान नेट्स पर भी बहुत अच्छी लय में थे और आज मैदान पर उन्होंने अपनी उसी प्रतिभा को सफलता में बदल दिया।
गंभीर ने स्पष्ट किया कि लोग संजू के पुराने स्कोर और आंकड़ों पर बहस करते रहेंगे, लेकिन टीम में वापसी कर इस तरह की मैच जिताऊ पारी खेलने से संजू का आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा। कोच ने स्वीकार किया कि पिछला कुछ समय चुनौतीपूर्ण रहा था, लेकिन टीम प्रबंधन उनकी असाधारण काबिलियत से भली-भांति परिचित था। संजू ने मैच में सलामी बल्लेबाज के रूप में उतरकर एक शानदार ‘मैच फिनिशर’ की भूमिका निभाई, जो भारतीय क्रिकेट के लिए एक सुखद संकेत है। उनकी इस मेहनत ने भारत को विश्व कप के खिताब की ओर एक कदम और करीब ला दिया है।
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