देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदमपुर हवाई अड्डे का नाम संत शिरोमणि गुरु रविदास महाराज के नाम पर समर्पित करने के निर्णय का जोरदार स्वागत किया है। मुख्यमंत्री ने इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक गौरव की दिशा में एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि संत रविदास जयंती के पावन अवसर पर लिया गया यह निर्णय महान संत के मानवतावादी विचारों और सामाजिक चेतना के प्रति राष्ट्र की ओर से एक सच्ची श्रद्धांजलि है।
पुष्कर सिंह धामी ने गुरु रविदास महाराज के योगदान को याद करते हुए कहा कि उनके द्वारा दी गई समानता, करुणा और निस्वार्थ सेवा की शिक्षाएं आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक प्रकाश के समान हैं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने सदियों पहले भेदभाव, ऊंच-नीच और सामाजिक असमानता के विरुद्ध मुखर होकर एक ऐसे समतामूलक समाज की परिकल्पना की थी, जहां हर मनुष्य को सम्मान प्राप्त हो। मुख्यमंत्री के अनुसार, यह संदेश आधुनिक युग में भी पूरी तरह से प्रासंगिक है और राष्ट्र निर्माण के लिए अनिवार्य है।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि वर्तमान केंद्र सरकार देश के महान संतों और महापुरुषों के विचारों को सम्मान देने की परंपरा को निरंतर सशक्त बना रही है। आदमपुर हवाई अड्डे का नाम गुरु रविदास महाराज के नाम पर रखना इसी कड़ी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस निर्णय से न केवल गुरु साहिब के आदर्शों को वैश्विक स्तर पर पहचान मिलेगी, बल्कि नई पीढ़ी भी उनके महान विचारों और सिद्धांतों से गहराई से जुड़ सकेगी।
पुष्कर सिंह धामी ने इस दूरदर्शी निर्णय के लिए प्रधानमंत्री का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह कदम सामाजिक एकता और राष्ट्रीय स्वाभिमान को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि महापुरुषों के नाम पर संस्थानों और बुनियादी ढांचों का नामकरण करना समाज को उनकी गौरवशाली विरासत की याद दिलाता है। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की कि गुरु रविदास जी के जीवन और उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर पूरा समाज आपसी सद्भाव, सेवा और भाईचारे के मार्ग पर आगे बढ़ेगा।
यह निर्णय विशेष रूप से पंजाब और उत्तर भारत के बड़े हिस्से में रहने वाले गुरु रविदास महाराज के करोड़ों अनुयायियों के लिए सम्मान का विषय है। मुख्यमंत्री के इस बयान ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड सरकार भी सामाजिक न्याय और समरसता के उन सिद्धांतों पर अडिग है, जिनका प्रचार-प्रसार संत रविदास जी ने अपने पूरे जीवनकाल में किया था। धामी ने अंत में कहा कि यह ऐतिहासिक घोषणा आने वाले समय में देश के सांस्कृतिक और सामाजिक ताने-बाने को और अधिक मजबूत करने में मील का पत्थर साबित होगी।