डोईवाला।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी डोईवाला में आयोजित एक भव्य धार्मिक कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। यह श्रीमद् भागवत कथा का आयोजन क्षेत्रीय विधायक प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा किया गया था। मुख्यमंत्री ने कथा स्थल पर पहुंचकर व्यास पीठ का आशीर्वाद लिया और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं के साथ कुछ समय व्यतीत किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति में आध्यात्मिक आयोजनों के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि श्रीमद् भागवत कथा भारतीय संस्कृति, धर्म और हमारे प्राचीन आध्यात्मिक मूल्यों का एक अत्यंत महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि भागवत के संदेश केवल धार्मिक चर्चा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये मानव जीवन को सदाचार, निस्वार्थ सेवा और कर्तव्यबोध की वास्तविक प्रेरणा प्रदान करते हैं। मुख्यमंत्री के अनुसार, भागवत कथा व्यक्ति को मानसिक शांति देने के साथ-साथ उसे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का अहसास भी कराती है। उन्होंने कहा कि जीवन के कठिन संघर्षों के बीच भागवत का मार्ग हमें सही दिशा दिखाने का कार्य करता है।
मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता की चर्चा करते हुए कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन समाज में नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने के लिए अनिवार्य हैं। जब समाज के सभी वर्गों के लोग एक साथ मिलकर ऐसी पवित्र कथाओं का श्रवण करते हैं, तो इससे सामाजिक समरसता और आपसी भाईचारे को मजबूती मिलती है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसी देवभूमि पर इस तरह के अनुष्ठान आध्यात्मिक चेतना को जगाने का काम करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध विरासत से परिचित कराते हैं।
आयोजन के सफल और सुव्यवस्थित संचालन के लिए मुख्यमंत्री ने विधायक प्रेमचंद अग्रवाल और उनके परिजनों की प्रशंसा की और उन्हें बधाई दी। धामी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से संपूर्ण जनमानस में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। यह प्रयास न केवल भक्ति के प्रचार-प्रसार में सहायक होते हैं, बल्कि भारतीय सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवित करने का भी कार्य करते हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कथा के माध्यम से प्रसारित होने वाले प्रेम और करुणा के संदेश लोगों के जीवन में सुखद बदलाव लाएंगे।
इस कार्यक्रम के दौरान डोईवाला और आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा सुनने के लिए पहुंचे थे। मुख्यमंत्री की उपस्थिति ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और अधिक बढ़ा दिया। कार्यक्रम में कई अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। पूरे कथा स्थल का वातावरण मंत्रोच्चार और भक्ति संगीत से गुंजायमान रहा। अंत में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-समृद्धि और शांति की कामना करते हुए सभी उपस्थित नागरिकों का आभार प्रकट किया। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे धर्म के मार्ग पर चलते हुए समाज की सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री के इस दौरे ने स्थानीय स्तर पर धार्मिक और सांस्कृतिक गतिविधियों को एक नई ऊर्जा प्रदान की है।