देहरादून।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश के नागरिकों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए एक बड़ा और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी अभियान “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” की अवधि को अब 20 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया है। मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद सामान्य प्रशासन विभाग ने इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर दिए हैं। इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य का कोई भी क्षेत्र या नागरिक इस जनसेवा अभियान के लाभ से वंचित न रहे और सरकारी सेवाओं की पहुंच प्रदेश के सुदूरवर्ती कोनों तक बनी रहे।
उल्लेखनीय है कि यह अभियान पहले 31 जनवरी 2026 तक संचालित किया जाना था। लेकिन 17 दिसंबर 2025 से शुरू हुए इन कैंपों के प्रति जनता का भारी उत्साह और समस्याओं के त्वरित निस्तारण की मांग को देखते हुए मुख्यमंत्री ने इसे 20 दिनों के लिए और विस्तारित करने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री का मानना है कि यह अभियान शासन और जनता के बीच बढ़ते विश्वास का प्रतीक है, जिसे और अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।
अब तक आयोजित किए गए कैंपों के माध्यम से हजारों नागरिकों की विभिन्न समस्याओं का मौके पर ही समाधान किया गया है। इन शिविरों में राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा, समाज कल्याण और पुलिस विभाग जैसे महत्वपूर्ण विभागों के अधिकारी स्वयं मौजूद रहकर शिकायतों का निस्तारण कर रहे हैं। इससे न केवल आम जनता को सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिली है, बल्कि भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लगा है और पारदर्शिता बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस विस्तारित अवधि के दौरान उन क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाए जहाँ अभी तक कैंप नहीं लग पाए हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संदेश में कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम मात्र नहीं है, बल्कि यह जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार की प्राथमिकता शासन को जनता के द्वार तक ले जाना है। हर नागरिक की समस्या का समाधान करना सरकार का नैतिक उत्तरदायित्व है और इसके लिए पूरी टीम प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने जिलाधिकारियों को निर्देशित किया है कि वे विस्तारित अवधि के लिए कैंपों की रूपरेखा तत्काल तैयार करें ताकि इस अभियान को सुचारू और पारदर्शी ढंग से आगे बढ़ाया जा सके।
प्रशासनिक स्तर पर भी इस निर्णय के बाद सरगर्मियां बढ़ गई हैं। सभी जिलों के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे कैंपों के दौरान प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लें और उसका गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें। “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान पुष्कर सिंह धामी सरकार के उस सुशासन मॉडल का उदाहरण बनकर उभरा है, जहाँ सत्ता का मुख्य उद्देश्य जनसेवा और समस्याओं का समयबद्ध निस्तारण है। इस विस्तार से राज्य के उन दुर्गम और पर्वतीय क्षेत्रों के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो भौगोलिक चुनौतियों के कारण अब तक इन सेवाओं का लाभ नहीं ले पाए थे।