होशियारपुर।
पंजाब के पूर्व कैबिनेट मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुंदर शाम अरोड़ा के होशियारपुर स्थित आवास पर आयकर विभाग की मैराथन छापेमारी आखिरकार शुक्रवार देर रात समाप्त हो गई। जोधामल रोड पर स्थित उनके घर पर यह कार्रवाई 28 जनवरी की सुबह करीब साढ़े छह बजे शुरू हुई थी और लगभग 62 घंटों तक लगातार चली। इस दौरान आयकर अधिकारियों की एक बड़ी टीम ने घर के चप्पे-चप्पे की तलाशी ली, दस्तावेजों को खंगाला और परिवार के सदस्यों से गहन पूछताछ की।
छापेमारी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सुंदर शाम अरोड़ा ने मीडिया के सामने आकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। इस दौरान वे काफी भावुक नजर आए और उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक बयान देते हुए कहा कि अतीत में भाजपा में शामिल होना उनके जीवन की सबसे बड़ी भूल थी। उन्होंने सार्वजनिक रूप से इस पर पछतावा जताया और कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व व कार्यकर्ताओं से माफी मांगते हुए कहा कि वे अपनी इस गलती के लिए शर्मिंदा हैं।
आयकर विभाग की कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए पूर्व मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह रेड उनके राजनीतिक जीवन को लेकर नहीं, बल्कि उनके बेटे प्रतीक अरोड़ा के व्यवसाय से जुड़ी हुई थी। उन्होंने बताया कि प्रतीक एक कारोबारी है और उसने लगभग आठ साल पहले मोहाली में एक कॉलोनी विकसित की थी। आयकर विभाग की टीम उसी कॉलोनी से संबंधित दस्तावेजों और वित्तीय लेनदेन की जांच करने के लिए आई थी। अरोड़ा ने जोर देकर कहा कि वे किसी भी बिल्डर लॉबी से जुड़े नहीं हैं और उनके बेटे के पास कॉलोनी से संबंधित सभी कानूनी कागजात दुरुस्त हैं।
जांच के दौरान पूरा परिवार एक तरह से ‘हाउस अरेस्ट’ की स्थिति में रहा, जहां किसी भी बाहरी व्यक्ति को अंदर आने या परिवार के सदस्यों को बाहर जाने की अनुमति नहीं थी। सूत्रों के अनुसार, आयकर विभाग का मुख्य ध्यान चंडीगढ़ और मोहाली की एक विशेष कंपनी के साथ हुए लेनदेन और विभिन्न संपत्तियों के दस्तावेजों पर केंद्रित था। इससे पहले भी उक्त कंपनी से जुड़े कुछ अन्य ठिकानों पर छापेमारी हो चुकी है। अरोड़ा ने बताया कि उनके बेटे ने विभाग के सभी सवालों के संतोषजनक जवाब दिए हैं और जांच में पूरा सहयोग किया है।
शहर में तीन दिनों तक इस छापेमारी को लेकर कई तरह की अफवाहें और कयास लगाए जा रहे थे कि यह प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और आयकर विभाग की संयुक्त कार्रवाई है। सुंदर शाम अरोड़ा ने इन अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह केवल आयकर विभाग की नियमित जांच थी। शुक्रवार रात करीब सवा बारह बजे आयकर विभाग की चार गाड़ियां उनके आवास से दस्तावेज और अन्य रिकॉर्ड लेकर रवाना हुईं, जिसके बाद सुरक्षा घेरा हटाया गया। पूर्व मंत्री ने विश्वास जताया कि जांच के अंत में कुछ भी गलत नहीं पाया जाएगा और वे पाक-साफ साबित होंगे। इस घटनाक्रम ने होशियारपुर की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट पैदा कर दी है।
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