Uttarakhand: भाजपा ने फूंका चुनावी बिगुल बूथ जीता चुनाव जीता के मंत्र के साथ हैटट्रिक की तैयारी

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी राजनीतिक चुनौतियों और विधानसभा चुनावों के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी सांगठनिक सक्रियता को चरम पर पहुंचा दिया है। राजधानी देहरादून के कुंआवाला क्षेत्र में आयोजित एक महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में पार्टी ने अपनी भावी रणनीति का खुलासा किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की गरिमामयी उपस्थिति में हुई इस बैठक में प्रदेश भर के दिग्गज नेताओं और पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य एजेंडा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) और बूथ स्तर पर पार्टी की पकड़ को अभेद्य बनाना रहा। भाजपा ने संकल्प लिया है कि वह निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान में पूर्ण मनोयोग से सहयोग करेगी और प्रदेश की सभी 70 विधानसभा क्षेत्रों में अपनी संगठनात्मक संरचना को नए सिरे से धार देगी।

मतदाता सूची पुनरीक्षण में कार्यकर्ताओं की भूमिका
बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) की प्रक्रिया और इसके महत्व के बारे में विस्तार से प्रशिक्षित किया गया। पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक बूथ पर तैनात कार्यकर्ता सक्रिय होकर यह सुनिश्चित करें कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने वाले सभी युवाओं के नाम मतदाता सूची में दर्ज किए जाएं। भाजपा का मानना है कि नए और युवा मतदाता लोकतंत्र की असली शक्ति हैं और उन्हें चुनावी प्रक्रिया से जोड़ना पार्टी की प्राथमिकता है। इसके साथ ही, कार्यकर्ताओं को यह जिम्मेदारी भी सौंपी गई है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से बाहर जा चुके या राज्य से पलायन कर चुके लोगों के नाम मतदाता सूची से हटवाने में प्रशासन का सहयोग करें, ताकि पारदर्शी और सटीक मतदाता सूची तैयार हो सके।

एक माह के भीतर बीएलए-टू की नियुक्तियां
संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूती प्रदान करने के लिए भाजपा ने एक बड़ी समयसीमा निर्धारित की है। प्रदेश की सभी 70 विधानसभा सीटों पर जो लगभग 2000 बीएलए-टू (बूथ लेवल एजेंट) के पद रिक्त रह गए हैं, उन्हें आगामी एक माह के भीतर अनिवार्य रूप से भरने का निर्णय लिया गया है। इस कार्य की सफलता सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने संबंधित क्षेत्रों के विधायकों को सीधे तौर पर जवाबदेह बनाया है। बीएलए-वन और बीएलए-टू की सक्रियता ही वह आधार है जिस पर भाजपा अपनी चुनावी जीत की इमारत खड़ी करना चाहती है। नेतृत्व ने जोर दिया कि सक्षम और सक्रिय कार्यकर्ताओं को ही इन पदों पर तैनात किया जाए ताकि वे मतदाताओं के साथ सीधा और प्रभावी संवाद स्थापित कर सकें।

तरुण चुघ का मंत्र: बूथ जीता तो चुनाव जीता
बैठक में मुख्य वक्ता के रूप में पहुंचे भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए “बूथ जीता-चुनाव जीता” का नारा बुलंद किया। उन्होंने कहा कि चुनाव मैदान में असली लड़ाई बूथ स्तर पर लड़ी जाती है और जिस पार्टी का कार्यकर्ता अपने बूथ पर सबसे अधिक सक्रिय होता है, जीत उसी की होती है। तरुण चुघ के अनुसार, देशभर में पार्टी का प्रशिक्षण अभियान जारी है और उत्तराखंड इसमें अग्रणी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केवल चुनाव के समय ही नहीं, बल्कि वर्ष भर जनता के बीच रहकर उनकी समस्याओं का समाधान करें और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाएं। संगठन की मजबूती ही पार्टी को ‘अजर अमर’ बनाएगी।

पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व पर भरोसा
भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय महामंत्री दुष्यंत कुमार गौतम ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार वर्ष के कार्यकाल की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि पुष्कर सिंह धामी न केवल राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड का नवनिर्माण कर रहे हैं, बल्कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस कथन को भी चरितार्थ कर रहे हैं जिसमें कहा गया था कि ’21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का होगा’। दुष्यंत कुमार गौतम ने विश्वास जताया कि मुख्यमंत्री जनता का मन जीतने में सफल रहे हैं और उनके नेतृत्व में राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। उल्लेखनीय है कि वनंतरा रिसॉर्ट प्रकरण के बाद दुष्यंत कुमार गौतम सार्वजनिक कार्यक्रमों में कम देखे जा रहे थे, लेकिन इस बैठक में उनकी सक्रिय उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं को नया उत्साह दिया। सरकार द्वारा इस प्रकरण की सीबीआइ जांच कराने के निर्णय को भी पार्टी ने अपनी पारदर्शिता और न्याय के प्रति प्रतिबद्धता के रूप में पेश किया।

जीत की हैटट्रिक का संकल्प
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कार्यकर्ताओं के सामर्थ्य और जोश की सराहना करते हुए दावा किया कि पार्टी अगले वर्ष होने वाले विधानसभा चुनाव में जीत की शानदार हैटट्रिक लगाएगी। उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के पास न तो कोई नीति है और न ही नियत, जबकि भाजपा विकास और सुशासन के नाम पर जनता के बीच जा रही है। प्रदेश महामंत्री संगठन अजेय कुमार ने सभी जिला इकाइयों को निर्देश दिए कि वे अपने सांगठनिक ढांचे का शत-प्रतिशत गठन शीघ्र पूरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दिग्गजों का जमावड़ा
इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक में उत्तराखंड भाजपा के तमाम बड़े चेहरे एक मंच पर नजर आए। बैठक में राज्यसभा सदस्य नरेश बंसल, हरिद्वार सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत, पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, सांसद अजय भट्ट के अलावा कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज, गणेश जोशी, सौरभ बहुगुणा और रेखा आर्या उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के विधायक, प्रांतीय पदाधिकारी, जिलाध्यक्ष, जिला प्रभारी, सह-प्रभारी और नवनियुक्त बीएलए भी चर्चा का हिस्सा बने।

कुल मिलाकर, भाजपा की इस बैठक ने यह साफ कर दिया है कि पार्टी अब पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी है। मतदाता सूची पुनरीक्षण और बीएलए की नियुक्तियों के माध्यम से भाजपा अपनी जड़ों को और गहरा करने की कोशिश कर रही है। आने वाले दिनों में कार्यकर्ताओं की यह सक्रियता उत्तराखंड की राजनीति में किस तरह का बदलाव लाती है, यह देखना दिलचस्प होगा। फिलहाल, “बूथ प्रबंधन” को अपनी सबसे बड़ी ताकत मानकर चल रही भाजपा ने अपने विरोधियों के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।

 

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