Himachal: शिमला में धार्मिक समारोह के दौरान फायरिंग से महिला की मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश – The Hill News

Himachal: शिमला में धार्मिक समारोह के दौरान फायरिंग से महिला की मौत मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश

शिमला। हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला अंतर्गत रोहड़ू उपमंडल के कुलगांव में एक
धार्मिक आयोजन के दौरान हुई गोलीबारी की घटना को प्रशासन ने बेहद
गंभीरता से लिया है। इस दुखद घटना में एक महिला की जान चली गई, जिसके
बाद जिला मजिस्ट्रेट अनुपम कश्यप ने मामले की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
जारी कर दिए हैं। जांच अधिकारी को अगले सात दिनों के भीतर अपनी पूरी रिपोर्ट
प्रशासन को सौंपनी होगी।

यह हृदयविदारक घटना कुलगांव में आयोजित एक प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान घटित
हुई। तहसील चिड़गांव के अंधरा गांव की रहने वाली रितिका इस समारोह में शामिल
होने आई थी, जहाँ अचानक हुई फायरिंग में उसे गोली लग गई और उसकी मृत्यु हो गई। इस
घटना ने सार्वजनिक स्थलों और धार्मिक आयोजनों में सुरक्षा व्यवस्था तथा हथियारों के
प्रदर्शन को लेकर गंभीर प्रशासनिक और कानूनी सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने इस मामले की गहन पड़ताल के लिए भारतीय नागरिक
सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 196 का सहारा लिया है।
उन्होंने अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) पंकज शर्मा को
इस पूरे प्रकरण का जांच अधिकारी नियुक्त किया है। पंकज शर्मा को निर्देश दिए गए
हैं कि वे बिना किसी पक्षपात के मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच करें ताकि
सच्चाई सामने आ सके।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार, जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान
केंद्रित किया जाएगा। इसमें सबसे प्रमुख यह है कि उस दिन घटनाओं का क्रम क्या था और
फायरिंग की स्थिति कैसे बनी। इसके अलावा, मृतका की मौत के सटीक कारणों की पुष्टि की
जाएगी और इस लापरवाही के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जाएगी।
जांच का एक मुख्य हिस्सा यह भी होगा कि क्या आयोजनकर्ताओं की ओर से सुरक्षा
मानकों में कोई बड़ी चूक हुई थी। साथ ही, इस बात की भी पड़ताल की जाएगी
कि इस मामले में शस्त्र अधिनियम, 1959 (आर्म्स एक्ट) के प्रावधानों का उल्लंघन
हुआ है या नहीं।

उपायुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया है कि इस जघन्य लापरवाही के दोषियों को किसी भी कीमत
पर बख्शा नहीं जाएगा। सात दिनों के भीतर प्राप्त होने वाली इस रिपोर्ट के आधार पर
कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य न केवल
दोषियों को सजा दिलाना है, बल्कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना और
आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक
और सुरक्षा को लेकर चिंता का माहौल बना हुआ है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही आगामी
प्रशासनिक निर्णय लिए जाएंगे।

 

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