चंपावत। उत्तराखंड के चंपावत जिले की पाटी नगर पंचायत के चुनावी नतीजों ने इस बार सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा है। इस चुनाव में संगीत की दुनिया के उभरते सितारे और इंडियन आइडल विजेता पवनदीप राजन का प्रभाव साफ तौर पर देखने को मिला। पवनदीप राजन के जीजा और निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को कड़े मुकाबले में पराजित कर शानदार जीत दर्ज की है। इस जीत के साथ ही पाटी नगर पंचायत में निर्दलीय प्रत्याशी का परचम लहरा गया है।
चुनाव के शुरुआती रुझानों और प्रथम चरण की मतगणना से ही नारायण लाल ने अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी। प्रारंभिक गणना के अनुसार, निर्दलीय प्रत्याशी नारायण लाल भाजपा उम्मीदवार नवीन राम से 224 मतों की स्पष्ट बढ़त बनाए हुए थे। जैसे ही यह आंकड़े सार्वजनिक हुए, नारायण लाल के समर्थकों में उत्साह की लहर दौड़ गई और उनकी जीत लगभग तय मानी जाने लगी। हालांकि, चुनाव का रोमांच तब और बढ़ गया जब भाजपा प्रत्याशी नवीन राम ने मतगणना की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आपत्ति दर्ज कराई।
भाजपा उम्मीदवार नवीन राम ने प्रशासन से मतों की दोबारा गिनती करने की औपचारिक मांग की। चुनाव की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पुनर्गणना का निर्णय लिया। यह प्रक्रिया एक या दो बार नहीं, बल्कि कुल चार बार दोहराई गई। मतों की चौथी बार हुई पुनर्गणना के बाद भी परिणामों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया और अंततः निर्वाचन अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर नारायण लाल की जीत की घोषणा कर दी। बार-बार हुई गिनती और उसके बाद मिली जीत ने नारायण लाल की इस सफलता को और अधिक पुख्ता बना दिया है।
राजनीतिक दृष्टिकोण से पाटी नगर पंचायत का यह चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था क्योंकि यह क्षेत्र मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की विधानसभा सीट के अंतर्गत आता है। मुख्यमंत्री के अपने निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा प्रत्याशी की हार राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। इस हार को भाजपा के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पार्टी ने इस सीट को जीतने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी थी। दूसरी ओर, एक निर्दलीय प्रत्याशी द्वारा सत्ताधारी दल को उसके ही मजबूत गढ़ में मात देना एक बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।
इस चुनावी जीत के पीछे पवनदीप राजन की लोकप्रियता को भी एक मुख्य कारण माना जा रहा है। चुनाव प्रचार के दौरान पवनदीप राजन खुद अपने जीजा नारायण लाल के लिए सड़कों पर उतरे थे और मतदाताओं से समर्थन की अपील की थी। पवनदीप राजन की युवाओं और स्थानीय जनता के बीच जबरदस्त पकड़ है और उनकी उपस्थिति ने मतदाताओं, विशेषकर युवाओं को नारायण लाल के पक्ष में लामबंद करने में बड़ी भूमिका निभाई। चुनाव प्रचार के दौरान उनके गीतों और सादगी ने लोगों का दिल जीत लिया था, जिसका सीधा लाभ नारायण लाल को मतदान के दिन मिला।
नारायण लाल की जीत के बाद पाटी क्षेत्र में जश्न का माहौल है। समर्थकों का कहना है कि यह जीत केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि क्षेत्र के विकास और जनता के विश्वास की जीत है। वहीं, राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय चुनावों में व्यक्तिगत छवि और जनता से सीधा जुड़ाव किसी भी बड़ी पार्टी के सिंबल पर भारी पड़ सकता है। मुख्यमंत्री के क्षेत्र में निर्दलीय की यह सेंधमारी आने वाले समय में नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म दे सकती है। फिलहाल, पाटी नगर पंचायत की कमान अब नारायण लाल के हाथों में है और जनता को उनसे काफी उम्मीदें हैं।
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