जालंधर।
जालंधर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से ठीक एक दिन पहले सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के बीच हड़कंप मच गया है। शनिवार को शहर के तीन प्रतिष्ठित स्कूलों को इलेक्ट्रॉनिक मेल (ई-मेल) के जरिए बम धमाके की गंभीर धमकी मिली है। इन स्कूलों में पुलिस डीएवी स्कूल, कैंब्रिज इंटरनेशनल स्कूल और एमजीएम स्कूल शामिल हैं। इस घटना के बाद से ही शहर में तनाव का माहौल है और पुलिस बल को पूरी तरह से मुस्तैद कर दिया गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, स्कूल प्रशासन को मिले इस धमकी भरे मेल में सीधे तौर पर प्रधानमंत्री के दौरे को निशाना बनाने की बात कही गई है। मेल में चेतावनी दी गई है कि प्रधानमंत्री के प्रवास के दौरान डेरा बल्लां क्षेत्र में बम धमाके किए जाएंगे। धमकी देने वाले ने अपनी मंशा स्पष्ट करते हुए मेल में लिखा है कि खालिस्तान समर्थकों का डेरे से कोई विरोध या लेना-देना नहीं है, लेकिन प्रधानमंत्री उनके दुश्मन हैं और वे उन्हें निशाना बनाएंगे। जैसे ही स्कूल प्रबंधन ने इस खतरनाक संदेश को देखा, उन्होंने बिना किसी देरी के पुलिस के उच्चाधिकारियों को इस बारे में सूचित किया।
इस सूचना के मिलते ही देश की केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां और पंजाब पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई हैं। प्रधानमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर शहर में पहले से ही कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे, लेकिन इस ई-मेल ने सुरक्षा चक्र को और अधिक कड़ा करने पर मजबूर कर दिया है। पुलिस की साइबर सेल की टीमें तुरंत हरकत में आ गई हैं और उस ई-मेल के स्रोत का पता लगाने की कोशिश कर रही हैं। यह जांच की जा रही है कि यह मेल कहां से भेजा गया और इसके पीछे कौन से असामाजिक तत्व सक्रिय हैं।
हालांकि, इस पूरे प्रकरण पर अभी तक पुलिस विभाग के किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने आधिकारिक तौर पर कोई बयान जारी नहीं किया है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अभी खामोशी बरत रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर तलाशी अभियान और निगरानी तेज कर दी गई है। डेरा बल्लां और उसके आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा का घेरा और अधिक मजबूत कर दिया गया है। प्रत्येक संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और सुरक्षा बल चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।
स्कूलों में बम की धमकी मिलने की खबर फैलते ही अभिभावकों में भी चिंता देखी जा रही है। प्रधानमंत्री के दौरे के समय इस तरह की धमकी भरा मेल मिलना किसी बड़ी साजिश का हिस्सा हो सकता है, जिसे नाकाम करने के लिए खुफिया एजेंसियां और स्थानीय पुलिस आपसी समन्वय के साथ काम कर रही हैं। प्रधानमंत्री का यह दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है, और ऐसे में किसी भी सुरक्षा चूक की आशंका को शून्य करने के लिए प्रशासन दिन-रात जुटा हुआ है। आगामी 24 घंटे जालंधर पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के लिए कड़ी परीक्षा के समान हैं, ताकि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम सुरक्षित और निर्बाध रूप से संपन्न हो सके।