देहरादून। वर्ष 2025 उत्तराखंड की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए एक ऐतिहासिक साल साबित हुआ है। हिमालय की दुर्गम परिस्थितियों में जब आस्था और आपदा की चुनौती एक साथ सामने आई तो प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था ने एक मजबूत कवच की तरह काम किया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग ने जो कर दिखाया उसे हेल्थ हीरो ईयर के रूप में याद किया जाएगा। इस साल चारधाम यात्रा में आए लाखों श्रद्धालुओं की सेहत का ख्याल रखने से लेकर मानसून की मार झेल रहे लोगों को बचाने तक स्वास्थ्य कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवा की।
चारधाम यात्रा ने इस बार नए कीर्तिमान बनाए और 47 लाख से अधिक श्रद्धालु केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री पहुंचे। इतनी बड़ी भीड़ को संभालना आसान नहीं था लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने पूरी तैयारी कर रखी थी। यात्रा से पहले ही 13 भाषाओं में हेल्थ एडवाइजरी जारी की गई और देहरादून, हरिद्वार, टिहरी व पौड़ी को ट्रांजिट मेडिकल हब बनाया गया। यात्रा मार्ग पर 49 स्थायी चिकित्सा इकाइयां और 20 मोबाइल रिस्पॉन्स पोस्ट तैनात की गईं। कुल 10 लाख 69 हजार से अधिक यात्रियों की स्क्रीनिंग की गई और 28 हजार से ज्यादा बीमार लोगों की पहचान कर उन्हें समय पर इलाज दिया गया।
केदारनाथ धाम में शुरू हुआ 17 बेड का अत्याधुनिक अस्पताल इस साल की सबसे बड़ी उपलब्धि रहा। ऑक्सीजन थेरेपी और आईसीयू जैसी सुविधाओं से लैस इस अस्पताल ने सैकड़ों श्रद्धालुओं को नया जीवन दिया। स्थानीय और बाहर से बुलाए गए डॉक्टरों व पैरामेडिकल स्टाफ ने 24 घंटे सेवा दी। आंकड़ों के मुताबिक कुल 4 लाख 78 हजार ओपीडी मरीज देखे गए और 51 हजार से ज्यादा इमरजेंसी केस संभाले गए। एम्स ऋषिकेश की हेली एम्बुलेंस ने 43 गंभीर मरीजों को एयरलिफ्ट कर उनकी जान बचाई।
केवल यात्रा ही नहीं मानसून की आपदाओं ने भी स्वास्थ्य विभाग की परीक्षा ली। धराली में बादल फटने से लेकर थराली में भूस्खलन और बागेश्वर में बाढ़ तक हर जगह स्वास्थ्य टीमें मुस्तैद रहीं। प्रभावित क्षेत्रों में 50 से ज्यादा मोबाइल मेडिकल कैंप लगाए गए। वल्नरेबल केयर प्रोटोकॉल लागू कर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इसे मानवीय सेवा की मिसाल बताया और कहा कि 2025 को हम हेल्थ हीरो ईयर के रूप में याद रखेंगे। उन्होंने संकल्प लिया कि 2026 में डिजिटल हेल्थ नेटवर्क, टेलीमेडिसिन और ड्रोन आधारित मॉनिटरिंग के जरिए स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत किया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री धन सिंह रावत और स्वास्थ्य सचिव आर राजेश कुमार ने भी इस सफलता का श्रेय टीम वर्क और मानवीय संवेदनाओं को दिया है। उनका कहना है कि बचाई गई हर सांस और हर जीवन ही 2025 की असली उपलब्धि है।