Uttarakhand: भीमताल में नरभक्षी की तलाश में एक बाघिन को वन विभाग ने पकड़ा

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भीमताल। क्षेत्र में इसी माह तीन महिलाओं को मार डालने वाले नरभक्षी बाघ को पकड़ने के अभियान के तहत सोमवार देर रात वन विभाग ने एक बाघिन को पकड़ा है। हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि ग्रामीणों पर हमले बाघिन ने किया थे या गुलदार ने किये थे। वन विभाग की टीम बाघिन का डीएनए जांच कर पता लगाएगी कि यह नरभक्षि है या नहीं। बाघिन की उम्र करीब डेढ़ वर्ष बताई जा रही है।

विभाग के विशेषज्ञों ने बाघिन के सैंपल ले लिए हैं। जिनको जांच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून भेजा जाएगा। फिलहाल पकड़ी गई बाघिन को रानीबाग रेस्क्यू सेंटर भेजा गया है। उच्च अधिकारियों के निर्देशों के बाद बाघिन को ढेला रेस्क्यू सेंटर रामनगर भेजा जा सकता है।

बता दें कि भीमताल के अलचौना, मलुवाताल, पिनरो क्षेत्र में नरभक्षी बाघ या गुलदार ने दो महिलाओं और एक युवती को निवाला बना लिया था। हालांकि दो महिलाओं से लिए गए सैंपलों से वन विभाग को बाघ के हमले की पुष्टि हुई थी, लेकिन विभाग इसे पूरी तरह पुख्ता करना चाहता है। रविवार को जंगलियागांव क्षेत्र में वन्यजीव ने एक बैल को निवाला बना लिया था। इसके बाद से ही वन विभाग ने क्षेत्र में रेड अलर्ट जारी कर लोगों को विशेष तौर पर सतर्क रहने के निर्देश दिए थे।

साथ ही हाई कोर्ट की ओर से नियुक्त किए गए वाइल्डलाइफ विशेषज्ञ डा. पराग निगम समेत तीन वन्यजीव चिकित्सकों के साथ टीम नरभक्षी को पकड़ने में जुटी हुई थी। सोमवार रात जंगलियागांव क्षेत्र में हमले में मारे गए बैल के समीप टीम को हलचल दिखाई दी। इस दौरान टीम ने ट्रेंकुलाइज गन से बाघिन को बेहोश कर दिया। डा. हिमांशु पांगती ने बताया कि पकड़ी गई बाघिन की उम्र करीब डेढ़ वर्ष है। जिसे रानीबाग रेस्क्यू सेंटर ले जाया गया है।

 

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