उत्तर 24 परगना, 31 जनवरी।
पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मियों के बीच भारतीय जनता पार्टी ने अपना अभियान तेज कर दिया है। शनिवार को उत्तर 24 परगना में आयोजित एक विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर तीखा हमला बोला। शाह ने अपने भाषण में स्पष्ट संदेश दिया कि बंगाल की जनता अब परिवर्तन के लिए तैयार है और टीएमसी की विदाई का समय नजदीक आ गया है। उन्होंने राज्य सरकार पर घुसपैठियों को संरक्षण देने और राष्ट्रीय प्रतीकों का अपमान करने के गंभीर आरोप लगाए।
गृहमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के मुद्दे से की। उन्होंने कहा कि यह वर्ष वंदे मातरम की 150वीं वर्षगांठ का है और प्रधानमंत्री मोदी की सरकार इसे पूरे देश में बड़े स्तर पर मनाने की योजना बना रही है। शाह ने टीएमसी पर निशाना साधते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि जब संसद में बंगाल की मिट्टी से उपजे और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम’ पर चर्चा हो रही थी, तब ममता बनर्जी के सांसदों ने इसका विरोध किया। शाह ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी वोट बैंक की राजनीति के चलते और घुसपैठियों को खुश करने के लिए भारत के गौरव का अपमान कर रही हैं। उन्होंने जनता से अपील की कि वे बंगाल की पहचान का विरोध करने वाली इस सरकार को आगामी चुनाव में उखाड़ फेंकें।
अमित शाह ने हाल ही में हुए आनंदपुर अग्निकांड का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इस घटना को केवल एक हादसा मानने से इनकार करते हुए इसे एक बड़ी साजिश और भ्रष्टाचार का नतीजा बताया। शाह ने कहा कि इस घटना में 25 लोगों की जान गई है और कई लोग अब भी लापता हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि उस मोमो फैक्ट्री का असली मालिक कौन है और उसे अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया? उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार वोट बैंक की राजनीति के कारण बंगाली नागरिकों की मौत पर संवेदनहीन बनी हुई है। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और न्यायिक जांच की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अप्रैल के बाद जब बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी, तो दोषियों को चुन-चुनकर जेल भेजा जाएगा।
ममता बनर्जी द्वारा भाजपा की चुनावी संभावनाओं पर किए जा रहे कटाक्ष का जवाब देते हुए अमित शाह ने आंकड़ों के जरिए अपनी बात रखी। उन्होंने रामायण का उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे रावण को अपनी शक्ति पर घमंड था, वैसा ही अहंकार ममता दीदी को हो गया है। उन्होंने याद दिलाया कि 2014 में भाजपा के पास केवल दो सीटें थीं, लेकिन 2019 में यह आंकड़ा 18 सीटों और 41 प्रतिशत वोट तक पहुंच गया। उन्होंने विश्वास जताया कि 2021 के विधानसभा चुनाव में 77 सीटें जीतने के बाद अब भाजपा 50 प्रतिशत से अधिक वोट शेयर के साथ प्रचंड बहुमत की सरकार बनाएगी।
अमित शाह ने राज्य में सुवेंदु अधिकारी और सामिक भट्टाचार्य जैसे नेताओं के नेतृत्व की सराहना की और कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि बंगाल की धरती अब देशभक्तों की सरकार के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के शासन में भ्रष्टाचार और तुष्टीकरण अपने चरम पर है, जिसे अब बंगाल की जनता और अधिक बर्दाश्त नहीं करेगी। गृहमंत्री के इस कड़े रुख ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी जंग को और अधिक तेज कर दिया है।
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