रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को रुद्रपुर में आयोजित ‘राइजिंग सिटी’ कार्यक्रम में प्रदेश के विकास और भविष्य की योजनाओं का खाका पेश किया। उन्होंने ऊधम सिंह नगर जिले को राज्य की अर्थव्यवस्था का प्रमुख इंजन बताते हुए कहा कि रुद्रपुर आज प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के रूप में अपनी पहचान बना चुका है। मुख्यमंत्री ने आधारभूत संरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और कानून व्यवस्था के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे ऐतिहासिक कार्यों पर विस्तार से चर्चा की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में सड़क कनेक्टिविटी का अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। ऑल वेदर रोड और एक्सप्रेस-वे जैसी परियोजनाओं ने पर्यटन और उद्योगों के लिए नए द्वार खोले हैं। उन्होंने विशेष रूप से किच्छा में बन रहे एम्स (AIIMS) के दूसरे परिसर का उल्लेख करते हुए कहा कि इसके पूर्ण होने से कुमाऊँ मंडल और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों के लोगों को विश्वस्तरीय इलाज मिल सकेगा। साथ ही, पंतनगर एयरपोर्ट के अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार से निवेश और पर्यटन को नई गति मिलेगी।
अवैध कब्जों और भ्रष्टाचार पर कड़ा प्रहार
मुख्यमंत्री ने सुशासन की दिशा में अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि अब तक 12 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को भू-माफियाओं के चंगुल से मुक्त कराया गया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि सार्वजनिक संपत्ति पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण स्वीकार नहीं किया जाएगा। युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाले नकल माफियाओं के विरुद्ध देश का सबसे सख्त कानून लागू कर 100 से अधिक अपराधियों को जेल भेजा गया है।
अराजकता के विरुद्ध दंगा विरोधी कानून
कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए सरकार ने दंगा विरोधी कानून लागू किया है। पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अब यदि कोई भी उपद्रवी सरकारी या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाएगा, तो उसकी पूरी भरपाई उसी उपद्रवी से की जाएगी। इस कानून का उद्देश्य अराजक तत्वों में भय पैदा करना और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
विकास के प्रमुख बिंदु और बड़ी उपलब्धियां
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औद्योगिक हब: रुद्रपुर को राज्य की औद्योगिक राजधानी के रूप में विकसित किया गया।
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स्वास्थ्य सेवा: किच्छा में एम्स और रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में।
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हवाई कनेक्टिविटी: पंतनगर एयरपोर्ट को अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए तैयार किया जा रहा है।
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सीमांत विकास: सीमावर्ती गांवों को ‘प्रथम गांव’ मानकर वहां सुविधाओं का विस्तार।
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कठोर कानून: देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा विरोधी कानून लागू।
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भू-सुधार: 12,000 एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जे से मुक्त कराया गया।
मुख्यमंत्री ने ऊधम सिंह नगर को “मिनी इंडिया” की संज्ञा देते हुए कहा कि यहां की सांस्कृतिक विविधता और भाईचारा ही राज्य की असली शक्ति है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सरकार के निरंतर प्रयासों से आने वाली पीढ़ियों को एक समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड मिलेगा।
कार्यक्रम में परिवहन मंत्री प्रदीप बत्रा, सांसद अजय भट्ट, विधायक शिव अरोरा, त्रिलोक सिंह चीमा और जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य सहित कई अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने अंत में आह्वान किया कि विकसित भारत के निर्माण में उत्तराखंड अग्रणी भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।
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