Uttarakhand: सावधान फाइव स्टार होटलों में भी मिल सकती है मिलावटी सामग्री देहरादून में खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई

देहरादून, 11 अगस्त। उत्तराखंड में खाद्य पदार्थों की शुद्धता और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अपना शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। आयुक्त विनय शंकर पांडे के दिशा-निर्देशों पर देहरादून और मसूरी रोड स्थित कई प्रतिष्ठित फाइव स्टार होटलों में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य मिलावटखोरी, विशेष रूप से ‘एनालॉग पनीर’ और नकली दुग्ध उत्पादों के उपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाना है।

खाद्य सुरक्षा विभाग की विशेष टीमों ने मसूरी रोड स्थित ताज होटल, फेयरफील्ड, जेडब्ल्यू मैरियट, हयात सेंट्रिक और हयात रीजेंसी जैसे बड़े और नामी प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने होटलों के किचन, स्टोर रूम, कच्चे माल की गुणवत्ता, डिब्बाबंद खाद्य सामग्री और स्वच्छता व्यवस्थाओं का बारीकी से परीक्षण किया।

हयात रीजेंसी और जेडब्ल्यू मैरियट से लिए गए सैंपल
निरीक्षण के दौरान विभाग ने संदिग्ध पाए गए खाद्य पदार्थों के नमूने भी एकत्र किए। हयात रीजेंसी होटल से मसालों के नमूने लिए गए, जबकि जेडब्ल्यू मैरियट से तैयार दाल का सैंपल जांच के लिए लिया गया। इन नमूनों को सरकारी प्रयोगशाला में परीक्षण हेतु भेजा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, प्रयोगशाला की रिपोर्ट आने के बाद ही संबंधित होटलों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

जांच के घेरे में आए प्रमुख होटल
• ताज होटल (Taj Hotel)
• जेडब्ल्यू मैरियट (JW Marriott)
• हयात रीजेंसी (Hyatt Regency)
• हयात सेंट्रिक (Hyatt Centric)
• फेयरफील्ड (Fairfield)

दस्तावेजों की कमी पर नोटिस जारी
सैंपल लेने के साथ-साथ विभाग ने हयात रीजेंसी के स्टोर में उपलब्ध गुलकंद, सौंफ और अन्य इंपोर्टेड ऑर्गेनो उत्पादों की गुणवत्ता और निर्माण संबंधी आवश्यक दस्तावेज मांगे हैं। इन पैक्ड उत्पादों के संबंध में संतोषजनक जानकारी न मिलने पर संबंधित निर्माताओं और होटल प्रबंधन को नोटिस जारी किया गया है। विभाग ने सभी होटल संचालकों को सख्त हिदायत दी है कि खाद्य सामग्री की खरीद केवल विश्वसनीय स्रोतों से ही की जाए और भंडारण के दौरान स्वच्छता मानकों का कड़ाई से पालन हो।

सबके लिए एक समान नियम
आयुक्त विनय शंकर पांडे ने स्पष्ट किया कि प्रदेश की जनता को शुद्ध भोजन उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, “खाद्य सुरक्षा के नियम सभी के लिए समान हैं, चाहे वह कोई छोटी दुकान हो या आलीशान फाइव स्टार होटल। गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।” उन्होंने बताया कि एनालॉग पनीर और अन्य गैर-दुग्ध उत्पादों की मिलावट के विरुद्ध विभाग ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।

सरकार की प्राथमिकताएं
• स्वस्थ नागरिक और सुरक्षित खाद्य: राज्य के प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन मिले।
• जीरो टॉलरेंस: मिलावटखोरी और मानकों के उल्लंघन पर तत्काल कठोर कार्रवाई।
• नियमित जांच: होटलों, डेयरियों और मिठाई की दुकानों का औचक निरीक्षण जारी रहेगा।

आगे भी जारी रहेगा अभियान
विभाग ने यह साफ कर दिया है कि यह अभियान केवल कुछ होटलों तक सीमित नहीं रहेगा। आने वाले दिनों में देहरादून सहित पूरे जनपद में होटल, रेस्टोरेंट, डेयरी और मिठाई के प्रतिष्ठानों की औचक जांच और सैंपल संग्रहण की प्रक्रिया को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण जांच टीम का नेतृत्व उपायुक्त राजेंद्र रावत ने किया। टीम में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह और संतोष कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य महत्वपूर्ण अधिकारी शामिल रहे। सरकार का लक्ष्य प्रदेश में आने वाले पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को सुरक्षित और मिलावट रहित खाद्य सामग्री सुनिश्चित करना है।

 

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