US: ट्रंप से मुलाकात में शी चिनफिंग ने थ्यूसीडाइड्स ट्रैप से बचने का दिया संदेश

वॉशिंगटन, 25 सितंबर। अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से जारी रणनीतिक और आर्थिक प्रतिस्पर्धा के बीच शुक्रवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग की मुलाकात हुई। इस दौरान शी चिनफिंग ने दोनों देशों के बीच बढ़ती प्रतिस्पर्धा को सीधे टकराव में बदलने से बचने पर जोर दिया। उन्होंने वैश्विक राजनीति में चर्चित ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का उल्लेख करते हुए कहा कि अमेरिका और चीन इस ऐतिहासिक जोखिम से पार पा सकते हैं।

शी चिनफिंग ने अमेरिकी राष्ट्रपति की मौजूदगी में यह संदेश देने की कोशिश की कि चीन की बढ़ती शक्ति को अमेरिका के लिए अनिवार्य रूप से खतरे के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दोनों देश प्रतिस्पर्धा कर सकते हैं, लेकिन उनके बीच ऐसा संघर्ष नहीं होना चाहिए जिसमें एक की जीत दूसरे की हार पर निर्भर हो।

क्या है थ्यूसीडाइड्स ट्रैप

‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ शब्द हार्वर्ड विश्वविद्यालय के राजनीतिक वैज्ञानिक ग्राहम एलिसन से जुड़ा है। इसका इस्तेमाल उस स्थिति को समझाने के लिए किया जाता है, जब एक उभरती हुई शक्ति किसी स्थापित महाशक्ति को चुनौती देने लगती है। ऐसी परिस्थितियों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा से गंभीर तनाव और टकराव का खतरा पैदा होने की आशंका जताई जाती है।

चीन के राष्ट्रपति ने ट्रंप के साथ बैठक में इसी अवधारणा का जिक्र कर अमेरिका और चीन के संबंधों को लेकर अपना दृष्टिकोण रखा। उनका संदेश था कि दोनों देश इतिहास में हुए बड़े शक्ति संघर्षों से सबक लेते हुए टकराव से बच सकते हैं।

प्रतिस्पर्धा हो लेकिन टकराव नहीं

शी चिनफिंग ने अमेरिका और चीन के बीच संबंधों को ऐसी प्रतिस्पर्धा के रूप में पेश किया जिसमें दोनों देश अपनी-अपनी प्रगति के लिए प्रयास कर सकते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रतिस्पर्धा का मतलब यह नहीं होना चाहिए कि दोनों पक्ष एक-दूसरे को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करें।

चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों के रास्ते और प्राथमिकताएं अलग हो सकती हैं, लेकिन मतभेदों को नियंत्रित रखना और शांति बनाए रखना संभव है। उन्होंने अमेरिका और चीन के बीच मतभेदों को प्रबंधनीय बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

चीन के कायाकल्प और मेक अमेरिका ग्रेट अगेन का उल्लेख

शी ने चीन के राष्ट्रीय कायाकल्प की महत्वाकांक्षा और ट्रंप के ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ नारे के बीच भी समानता का तर्क रखा। उनके मुताबिक, दोनों देशों के अपने-अपने राष्ट्रीय लक्ष्य हो सकते हैं और इन्हें एक-दूसरे के साथ टकराव में बदले बिना आगे बढ़ाया जा सकता है।

इस बयान के जरिए उन्होंने यह संकेत देने की कोशिश की कि अमेरिका और चीन के बीच प्रतिस्पर्धा के बावजूद दोनों देशों के लिए सहयोग और शांतिपूर्ण संबंधों की गुंजाइश बनी रह सकती है।

व्यापारिक तनाव कम करने की कोशिश

ट्रंप और शी की मुलाकात का एक महत्वपूर्ण पहलू दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव से भी जुड़ा रहा। प्रस्तुत जानकारी के अनुसार, वॉशिंगटन ने घोषणा की कि दोनों देशों ने व्यापारिक टकराव को सीमित रखने के लिए लागू व्यवस्था को जनवरी 2027 तक बढ़ाने पर सहमति जताई है।

इस फैसले से अमेरिका और चीन के बीच व्यापार को लेकर तत्काल टकराव की स्थिति को आगे टालने का रास्ता खुला है। हालांकि, दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक मुद्दों पर मतभेद अभी भी व्यापक हैं। ऐसे में शी का ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का उल्लेख दोनों शक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा को संघर्ष में बदलने से रोकने के संदेश के रूप में देखा गया है।

 

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