खटीमा, 25 सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को खटीमा में ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से 15 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें नेस्ले इंडिया की ओर से कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) के तहत उपलब्ध कराए गए सात इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहन भी शामिल हैं। इन वाहनों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में कूड़ा एकत्र करने और उसके व्यवस्थित निस्तारण को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
नेस्ले इंडिया ने धर्मपुर, छत्तरपुर, बिंदूखेड़ा (फौजी मटकोटा), कीरतपुर, बागवाला, दानपुर और नगला तराई के लिए एक-एक इलेक्ट्रिक कचरा संग्रहण वाहन उपलब्ध कराया है। कार्यक्रम के दौरान ब्रिटानिया की ओर से स्वास्थ्य एवं पोषण से संबंधित सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। इस पहल को स्वच्छता व्यवस्था में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत करने के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कचरे के प्रभावी संग्रहण, पृथक्करण और निस्तारण के लिए आधुनिक तकनीक तथा संसाधनों का इस्तेमाल जरूरी है। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी और कॉरपोरेट क्षेत्र का सहयोग भी इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में उपयोगी साबित हो सकता है।
उन्होंने ग्राम पंचायतों में विकसित किए जा रहे सेल्फ-सस्टेनिंग मॉडल का उल्लेख करते हुए कहा कि इससे स्थानीय स्तर पर स्वच्छता व्यवस्था को निरंतर संचालित करने में सहायता मिलेगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश में कचरा संग्रहण और निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के साथ इसे ग्रामीण क्षेत्रों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना है।
मुख्य विकास अधिकारी दिवेश सासनी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देशन में ऊधम सिंह नगर जिले की 373 ग्राम पंचायतों के लिए 71 क्लस्टरों के माध्यम से ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन की कार्ययोजना तैयार की गई है। नगर निकायों से सटे ग्रामीण इलाकों और प्रमुख स्थानीय बाजारों में नियमित कूड़ा संग्रहण एवं निस्तारण की व्यवस्था के लिए संबंधित नगर निकायों के साथ समझौते भी किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जिले में अपशिष्ट प्रबंधन के लिए कुल 231 वाहनों का बेड़ा तैयार किया गया है। इसमें स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत उपलब्ध 134 ई-रिक्शा और 75 ट्रैक्टर-ट्रॉली के अलावा सीएसआर तथा अन्य योजनाओं के माध्यम से प्राप्त वाहन भी शामिल हैं। विभिन्न विकासखंडों में जिला पंचायत की ओर से कॉम्पेक्टर का संचालन भी किया जा रहा है, जिससे कचरे के प्रबंधन की क्षमता बढ़ाने में मदद मिल रही है।
कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, मेयर विकास शर्मा, ब्लॉक प्रमुख रीना गौतम, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, एसएसपी अजय गणपति, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश सासनी, अपर सचिव मुख्यमंत्री एवं सदस्य सचिव सीएसआर मनमोहन मैनाली तथा नेस्ले इंडिया के कॉरपोरेट अफेयर्स एवं सस्टेनेबिलिटी डायरेक्टर कुंवर हिम्मत सिंह समेत जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
Pls read:Uttarakhand: सारथी विहार में मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने किया मतदाता सूची पुनरीक्षण का निरीक्षण