नई दिल्ली। पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट टीम में बतौर कप्तान बाबर आजम की वापसी हो चुकी है। वेस्टइंडीज दौरे पर टीम का नेतृत्व करने के बाद अब उनके सामने इंग्लैंड की कठिन परिस्थितियों में खुद को और अपनी टीम को साबित करने की बड़ी चुनौती है। पाकिस्तान का यह इंग्लैंड दौरा 19 अगस्त से शुरू होने जा रहा है, लेकिन इस दौरे के आगाज से पहले ही पाकिस्तान के पूर्व विकेटकीपर-बल्लेबाज राशिद लतीफ ने टीम मैनेजमेंट और बाबर आजम को लेकर एक खास चिंता जताई है।
राशिद लतीफ का मानना है कि इंग्लैंड का दौरा केवल मैदान पर ही नहीं, बल्कि मैदान के बाहर भी काफी चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने विशेष रूप से ‘इंग्लिश मीडिया’ को लेकर आगाह किया है। लतीफ के अनुसार, वहां की मीडिया विदेशी कप्तानों और खिलाड़ियों को विवादित और अनावश्यक सुर्खियों में घसीटने के लिए जानी जाती है, जिसका सीधा असर खिलाड़ी के प्रदर्शन और मानसिक शांति पर पड़ता है।
शान मसूद को आगे रखने का सुझाव
जियो न्यूज से बातचीत के दौरान राशिद लतीफ ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) को एक रणनीतिक सलाह दी। उन्होंने कहा, “बाबर आजम निसंदेह एक अनुभवी खिलाड़ी हैं, लेकिन पीसीबी के लिए यह बेहतर होगा कि वह उन्हें इंग्लिश मीडिया के तीखे सवालों और कहानियों से दूर रखे। इसके बजाय, पूर्व कप्तान शान मसूद को मीडिया से बातचीत की जिम्मेदारी सौंपी जानी चाहिए। मसूद के पास इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेलने और वहां की मीडिया से निपटने का अच्छा अनुभव है।” लतीफ का मानना है कि इससे बाबर पूरी तरह से अपने खेल और कप्तानी पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
| पाकिस्तान का इंग्लैंड दौरा: टेस्ट सीरीज का कार्यक्रम |
| • पहला टेस्ट: 19 अगस्त से हेडिंग्ले, लीड्स में शुरू होगा। |
| • दूसरा टेस्ट: 27 अगस्त से लॉर्ड्स, लंदन में खेला जाएगा। |
| • तीसरा टेस्ट: 09 सितंबर से एजबेस्टन में आयोजित होगा। |
लीडरशिप संकट और गिरता प्रदर्शन
पाकिस्तान क्रिकेट वर्तमान में अपने सबसे कठिन दौर से गुजर रहा है। विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) की अंक तालिका में टीम की स्थिति काफी खराब है और फाइनल की दौड़ में बने रहने की उम्मीदें नगण्य नजर आ रही हैं। बाबर आजम को दोबारा कमान सौंपना यह भी दर्शाता है कि पाकिस्तान क्रिकेट में नेतृत्व क्षमता का गंभीर संकट है। बाबर की वापसी को टीम के गिरते मनोबल को उठाने के एक प्रयास के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इतिहास गवाह है कि वे पहले भी कप्तान रह चुके हैं लेकिन किसी बड़े आईसीसी टेस्ट खिताब तक टीम को नहीं पहुंचा पाए।
पाकिस्तान में ‘किंग’ के नाम से मशहूर बाबर आजम के लिए यह सीरीज केवल सीरीज नहीं, बल्कि कप्तान के तौर पर उनकी साख बचाने का भी जरिया है। ऐसे में राशिद लतीफ की यह सलाह कि मीडिया के दबाव से बचकर केवल क्रिकेट पर ध्यान दें, काफी अहम मानी जा रही है। अब देखना यह होगा कि पीसीबी इस सुझाव को कितनी गंभीरता से लेता है और बाबर आजम इंग्लिश मीडिया और इंग्लैंड की तेज पिचों के दोहरे दबाव का सामना कैसे करते हैं।