Uttarakhand: धर्मनगरी हरिद्वार में शिवभक्तों का सैलाब 5 करोड़ कांवड़ियों के आगमन के साथ मेला संपन्न

हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार में आयोजित कांवड़ मेला 2026 ने आस्था के सभी पुराने कीर्तिमानों को ध्वस्त करते हुए एक नया इतिहास रच दिया है। इस वर्ष श्रद्धा के इस विराट स्वरूप में देश के विभिन्न राज्यों से लगभग 5 करोड़ शिवभक्तों का आगमन हुआ। गंगा के तटों से लेकर सड़कों तक केवल ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष सुनाई दिए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस विशाल जनसमागम के सफल और सुव्यवस्थित समापन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए देश के कोने-कोने से आए शिवभक्तों का अभिनंदन किया है।

कांवड़ मेला 2026 न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र रहा, बल्कि यह सेवा, अनुशासन और कुशल प्रबंधन के अद्भुत समन्वय का गवाह भी बना। इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने के बावजूद पूरी प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती थी, जिसे टीम वर्क के माध्यम से बखूबी पूरा किया गया। श्रद्धालुओं का यह भारी जमावड़ा भगवान शिव के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा और उत्तराखंड की सेवा व आतिथ्य परंपरा में उनके गहरे विश्वास को प्रदर्शित करता है।

कांवड़ मेला 2026: एक नजर में
• कुल शिवभक्तों का आगमन: लगभग 5 करोड़।
• मुख्य विशेषता: आस्था, सेवा और अनुशासन का अद्भुत मेल।
• प्रबंधन: प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों की सक्रियता।

मुख्यमंत्री ने इस भव्य आयोजन के बाद कहा कि इस विशाल समागम को सुरक्षित बनाने में पुलिस प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन दल, स्वच्छता कर्मियों और स्थानीय नागरिकों की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। इसके अलावा विभिन्न स्वयंसेवी संगठनों, धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने भी दिन-रात एक कर शिवभक्तों की सेवा में अपना योगदान दिया। पुष्कर सिंह धामी ने इस सफल आयोजन में सहभागी बनने वाले प्रत्येक व्यक्ति का हृदय से आभार व्यक्त किया है।

स्वच्छता के क्षेत्र में इस बार विशेष प्रयास किए गए थे। करोड़ों लोगों के आवागमन के बावजूद गंगा घाटों और यात्रा मार्गों पर सफाई व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए स्वच्छता कर्मियों ने समर्पण भाव से कार्य किया। पुलिस और सुरक्षा बलों ने ट्रैफिक और सुरक्षा व्यवस्था को इस प्रकार नियंत्रित किया कि कहीं भी किसी बड़ी दुर्घटना या भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न नहीं हुई।

सफलता के मुख्य स्तंभ
• प्रशासन एवं पुलिस: सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित किया।
• स्वास्थ्य विभाग: चिकित्सा शिविरों के माध्यम से त्वरित उपचार दिया।
• स्वच्छता कर्मी: मेला क्षेत्र को निरंतर साफ-सुथरा रखने में जुटे रहे।
• स्थानीय नागरिक: सेवा भाव से श्रद्धालुओं का स्वागत और सहयोग किया।

इस सफल आयोजन के बाद अब हरिद्वार के स्थानीय निवासियों ने भी व्यवस्थाओं की सराहना की है। पुष्कर सिंह धामी ने महादेव से प्रार्थना की है कि समस्त शिवभक्तों पर उनकी कृपा बनी रहे और सभी की मनोकामनाएं पूर्ण हों। उन्होंने विश्वास जताया कि देवभूमि की यह गौरवशाली परंपरा आने वाले वर्षों में और अधिक सुदृढ़ होगी और उत्तराखंड इसी प्रकार विश्व भर के श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र बना रहेगा। मेले के समापन के साथ ही अब धीरे-धीरे जनजीवन सामान्य हो रहा है, लेकिन शिवभक्तों की आस्था की गूँज अब भी धर्मनगरी में महसूस की जा रही है।

 

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