नई दिल्ली। संसद में जारी भारी हंगामे और गतिरोध के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सरकार का पक्ष मजबूती से रखा है। बुधवार को विपक्ष के तीखे हमलों का जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर खुली चर्चा के लिए तैयार है, बशर्ते विपक्ष सदन की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने दे। उन्होंने विपक्ष को चुनौती देते हुए प्रस्ताव रखा कि चर्चा आज ही दोपहर 3 बजे से शुरू की जा सकती है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे स्वयं सदन में मौजूद रहकर विपक्ष की पूरी बात सुनेंगे और कल दोपहर 3 बजे तक सभी सवालों का विस्तृत जवाब देंगे।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल संसद में भारी हंगामा कर रहे हैं। विपक्षी नेता लगातार मांग कर रहे हैं कि गृह मंत्री स्वयं इन संवेदनशील मुद्दों पर सदन में अपना स्पष्टीकरण दें।
सरकार के पास छिपाने को कुछ नहीं
संसद परिसर में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अमित शाह ने सरकार का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार के पास किसी भी मुद्दे पर छिपाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू पहले ही नीट (NEET) जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा की सहमति दे चुके हैं। गृह मंत्री ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अब यह विपक्षी दलों को तय करना है कि वे वास्तव में सार्थक बहस करना चाहते हैं या केवल चर्चा से बचकर सदन में व्यवधान पैदा करना चाहते हैं।
| अमित शाह का विपक्ष को खुला प्रस्ताव |
| • विपक्ष चर्चा शुरू करने के लिए लोकसभा अध्यक्ष को औपचारिक पत्र सौंपे। |
| • चर्चा आज दोपहर 3 बजे से शुरू होकर देर रात तक जारी रह सकती है। |
| • गृह मंत्री पूरी बहस के दौरान सदन में उपस्थित रहकर सभी की बात सुनेंगे। |
| • कल दोपहर 3 बजे सरकार की ओर से सभी बिंदुओं पर जवाब दिया जाएगा। |
| • गंभीर मुद्दों पर बहस के लिए सरकार प्रश्नकाल स्थगित करने को भी तैयार है। |
उपस्थिति और भागने के आरोपों पर पलटवार
विपक्ष द्वारा सदन से भागने के आरोपों पर जवाब देते हुए अमित शाह ने कहा कि वे सत्र के पहले दिन से ही नियमित रूप से संसद आ रहे हैं और अपने चैंबर में मौजूद रहते हैं। उन्होंने कहा कि अब देश की जनता को यह तय करना चाहिए कि वास्तव में चर्चा से कौन भाग रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से चर्चा की पेशकश के बावजूद विपक्ष अब तक सदन में बहस कराने से बच रहा था।
राहुल गांधी का तीखा पलटवार
अमित शाह के इस बयान पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कड़ा पलटवार किया है। राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री की कल्पनाओं या उनके लंबे भाषणों को सुनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। उन्होंने कहा कि देश की युवा पीढ़ी आज यह ठोस जवाब चाहती है कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग करने और गोली चलाने का आदेश आखिर किसने दिया था।
संसद के भीतर और बाहर आज जबरदस्त राजनीतिक तनाव देखा गया। जहां विपक्ष अपनी मांगों को लेकर अड़ा हुआ है, वहीं सरकार ने गेंद विपक्ष के पाले में डाल दी है। इस टकराव के कारण संसद की कार्यवाही लगातार प्रभावित हो रही है, जिससे महत्वपूर्ण विधायी कार्य अटके हुए हैं। अब देखना यह होगा कि क्या विपक्ष गृह मंत्री के इस प्रस्ताव को स्वीकार कर चर्चा के लिए मेज पर आता है या सदन में हंगामे का दौर यूं ही जारी रहता है।
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