थुनाग (मंडी)। हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में वन्यजीवों के हमले का एक अत्यंत सनसनीखेज और डरावना मामला सामने आया है। सराज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले थाची गांव में एक तेंदुए ने एक महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। यह घटना उस समय और अधिक भयावह हो गई जब तेंदुआ महिला को अपना शिकार बनाने के उद्देश्य से उसे काफी दूर पहाड़ तक घसीटते हुए ले गया। गनीमत यह रही कि महिला की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर जुट गए और उनके शोर के कारण तेंदुआ महिला को छोड़कर जंगल की ओर भाग निकला।
इस हमले में घायल महिला की पहचान 40 साल की टिकमू देवी के रूप में हुई है, जो पीरू राम की पत्नी है। जानकारी के अनुसार, यह घटना उस समय हुई जब टिकमू देवी अपने मायके ड़ाबणू से वापस अपने ससुराल लौट रही थी। बताया जा रहा है कि महिला के मायके और ससुराल के बीच की दूरी महज 500 मीटर के आसपास है, लेकिन इस छोटे से रास्ते के बीच में घना जंगल पड़ता है। देर शाम का वक्त था और जैसे ही वह अपने ससुराल के घर के नजदीक पहुंची, पहले से घात लगाकर बैठे तेंदुए ने अचानक उस पर हमला बोल दिया।
तेंदुए के हमले के तुरंत बाद टिकमू देवी ने हिम्मत दिखाते हुए चिल्लाना शुरू किया। उसकी चीखें सुनकर आसपास रहने वाले लोग और परिजन तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो टिकमू देवी वहां मौजूद नहीं थी, लेकिन जमीन पर ताजा खून के धब्बे दिखाई दे रहे थे। ग्रामीणों को यह समझते देर नहीं लगी कि खूंखार तेंदुआ महिला को उठाकर ले गया है। इसके बाद ग्रामीणों ने एकजुट होकर शोर मचाते हुए और टॉर्च की रोशनी के सहारे तेंदुए का पीछा करना शुरू किया। लोगों की भारी भीड़ और लगातार हो रहे शोर से घबराकर तेंदुआ महिला को एक दुर्गम ढांक (पहाड़ की ढलान) पर छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए घने जंगल में ओझल हो गया।
रात के गहरे अंधेरे में ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक बड़ा बचाव अभियान चलाया। काफी मशक्कत के बाद महिला को उस खतरनाक पहाड़ी ढलान से सुरक्षित निकाला गया। टिकमू देवी इस हमले में गंभीर रूप से चोटिल हुई है। स्थानीय लोगों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां वर्तमान में उसका उपचार चल रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि तेंदुए को उसी दिन सुबह के समय भी इलाके में एक पेड़ पर बैठा देखा गया था, जिससे यह स्पष्ट था कि वह शिकार की तलाश में रिहायशी इलाके के पास ही मंडरा रहा था।
इस खूंखार हमले के बाद पूरे थाची और आसपास के क्षेत्रों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीण अब अपने घरों से बाहर निकलने में डर महसूस कर रहे हैं, विशेषकर शाम के समय जंगल वाले रास्तों पर आवाजाही पूरी तरह से प्रभावित हो गई है। स्थानीय निवासियों ने वन विभाग के प्रति अपना कड़ा रोष व्यक्त किया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता लगातार बढ़ रही है, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं।
ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि इस तेंदुए को जल्द से जल्द पकड़ने के लिए इलाके में पिंजरा लगाया जाए ताकि भविष्य में ऐसी किसी और अनहोनी को टाला जा सके। इसके साथ ही, स्थानीय लोगों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि घायल टिकमू देवी के परिवार को उचित आर्थिक मुआवजा और बेहतर इलाज की सुविधा प्रदान की जाए। फिलहाल वन विभाग को घटना की सूचना दे दी गई है और लोग सतर्कता बरत रहे हैं।
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