मोगा। पंजाब के मोगा जिले के कस्बा धर्मकोट में शनिवार को आयोजित मुख्यमंत्री की प्रस्तावित रैली से पहले स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई है। मुख्यमंत्री से सीधे सवाल पूछने की मंशा रखने वाले किसान मजदूर मोर्चा के नेताओं को पुलिस प्रशासन ने गांव लोहगढ़ के एक गुरुद्वारा साहिब में ही रोक लिया। इस कार्रवाई के बाद से इलाके में माहौल गरमाया हुआ है और भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किसान मजदूर मोर्चा से जुड़े तमाम वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता गांव लोहगढ़ के गुरुद्वारा साहिब में एकत्रित हुए थे। उनका उद्देश्य वहां से एक जत्थे के रूप में धर्मकोट की दाना मंडी स्थित रैली स्थल की ओर कूच करना था ताकि वे अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री से जवाब मांग सकें। जैसे ही पुलिस को किसानों की इस योजना की भनक लगी, पुलिस प्रशासन ने सक्रियता दिखाते हुए गुरुद्वारा साहिब की घेराबंदी कर दी और किसानों को बाहर निकलने से रोक दिया।
पुलिस की इस अचानक हुई घेराबंदी के बाद मौके पर मौजूद किसान नेताओं और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई। किसान नेताओं ने सरकार और प्रशासन की इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि वे केवल अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करते हुए मुख्यमंत्री से उन वादों के बारे में सवाल करना चाहते थे, जिन्हें सरकार ने अब तक पूरा नहीं किया है। किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उनके साथ लगातार धोखाधड़ी कर रही है। उनके मुताबिक, बैठकों के लिए बार-बार समय दिया जाता है लेकिन बाद में टालमटोल कर दी जाती है, जिससे किसानों में भारी रोष है।
किसान संगठनों ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्हें रास्ते में रोकना और धार्मिक स्थल के भीतर घेरना उनकी आवाज दबाने की कोशिश है। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार के दबाव के आगे किसान झुकने वाले नहीं हैं और यदि उनकी मांगों का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले समय में आंदोलन को और अधिक उग्र बनाया जाएगा।
दूसरी ओर, पुलिस प्रशासन ने इस पूरी कार्रवाई को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दिशा में उठाया गया एक एहतियाती कदम बताया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रैली स्थल पर किसी भी प्रकार के टकराव या अव्यवस्था को रोकने के लिए किसानों को आगे बढ़ने से रोका गया है। प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना उनकी पहली प्राथमिकता है। फिलहाल, लोहगढ़ और धर्मकोट के आसपास के क्षेत्रों में स्थिति नाजुक बनी हुई है और प्रशासन पल-पल की गतिविधि पर नजर रख रहा है। इस घटनाक्रम ने राज्य में सरकार और किसान संगठनों के बीच चल रहे गतिरोध को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है।