Uttarakhand: देहरादून में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम जून तक पूरा करने और सरकारी स्कूलों में बुक बैंक बनाने के निर्देश – The Hill News

Uttarakhand: देहरादून में अंडरग्राउंड केबलिंग का काम जून तक पूरा करने और सरकारी स्कूलों में बुक बैंक बनाने के निर्देश

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। सचिवालय में आयोजित दो महत्वपूर्ण बैठकों में उन्होंने देहरादून में बिजली की लाइनों को भूमिगत करने के प्रोजेक्ट और सरकारी स्कूलों में सुविधाओं के विस्तार की विस्तृत समीक्षा की। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में देरी और संसाधनों की बर्बादी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को समय सीमा के भीतर परिणाम देने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।

अंडरग्राउंड केबलिंग और सड़कों की खुदाई पर सख्ती
देहरादून शहर में लंबे समय से चल रहे अंडरग्राउंड केबलिंग के काम से जनता को हो रही परेशानी का संज्ञान लेते हुए मुख्य सचिव ने पिटकुल के अधिकारियों को अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि जून माह के अंत तक सड़कों की खुदाई, केबल बिछाने और उसके बाद सड़क की मरम्मत (ब्लैक टॉपिंग) का कार्य अनिवार्य रूप से पूर्ण कर लिया जाए। आनंद बर्द्धन ने कार्यप्रणाली में बदलाव का सुझाव देते हुए कहा कि पूरे शहर की सड़कें एक साथ खोदने के बजाय कुछ निश्चित हिस्सों पर ही काम शुरू किया जाए। उन्होंने हिदायत दी कि लेबर को अलग-अलग टुकड़ों में बांटने के बजाय एक ही जगह केंद्रित किया जाए ताकि वहां का काम जल्द खत्म हो और जनता को कम से कम असुविधा हो।

साप्ताहिक मॉनिटरिंग और जिलाधिकारी की जवाबदेही
मुख्य सचिव ने जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल को इस पूरे प्रोजेक्ट की प्रगति की साप्ताहिक निगरानी करने की जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने स्पष्ट आदेश दिए कि जब तक एक निर्धारित क्षेत्र का कार्य पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक अगले हिस्से में खुदाई की अनुमति न दी जाए। बैठक में मौजूद प्रमुख सचिव आर. मीनाक्षी सुंदरम और अन्य अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न किया जाए।

सरकारी स्कूलों में ‘बुक बैंक’ से होगी करोड़ों की बचत
शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में आनंद बर्द्धन ने एक अनूठा और आर्थिक रूप से लाभकारी प्रस्ताव रखा। उन्होंने प्रदेश के सभी राजकीय विद्यालयों में ‘बुक बैंक’ बनाने के निर्देश दिए। इस योजना के तहत छात्र अपनी कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद पुरानी पुस्तकें स्कूल में जमा करेंगे, जिन्हें अगले सत्र के विद्यार्थियों को वितरित किया जाएगा। केवल नई मांग या फटी हुई पुस्तकों के बदले ही नई किताबें छपवाई जाएंगी। मुख्य सचिव का मानना है कि इस कदम से हर साल नई किताबें छपवाने पर खर्च होने वाले करोड़ों रुपये की बचत होगी।

स्कूलों में डिजिटल लाइब्रेरी और सफाई का स्थायी समाधान
सरकारी स्कूलों को आधुनिक बनाने के लिए मुख्य सचिव ने वहां डिजिटल पुस्तकालय स्थापित करने पर जोर दिया ताकि विद्यार्थी वैश्विक ज्ञान तक आसानी से पहुंच सकें। इसके साथ ही उन्होंने क्लस्टर विद्यालयों में कक्षा-कक्षों और छात्रावासों के निर्माण में तेजी लाने के लिए नाबार्ड से फंडिंग की व्यवस्था करने को कहा। स्कूलों में बिजली, पानी और शौचालयों की व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ ही उन्होंने शौचालयों की साफ-सफाई के लिए एक स्थायी व्यवस्था (मैकेनिज्म) तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई के लिए अलग से बजट और जवाबदेही तय की जानी चाहिए। इस बैठक में सचिव रविनाथ रमन और माध्यमिक शिक्षा निदेशक मुकुल कुमार सती सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

 

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