नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने असम विधानसभा चुनाव के लिए अपनी चुनावी बिसात बिछाते हुए उम्मीदवारों की पहली सूची आधिकारिक तौर पर जारी कर दी है। पार्टी ने इस प्रारंभिक सूची में कुल 88 प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की है, जो राज्य की विभिन्न महत्वपूर्ण सीटों पर चुनाव लड़ेंगे। इस सूची के साथ ही भाजपा ने असम के राजनीतिक रण में अपनी सक्रियता बढ़ा दी है और यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी विकास और अपने प्रमुख नेतृत्व के चेहरों के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी।
इस सूची में सबसे प्रमुख नाम प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा का है। पार्टी ने उन पर एक बार फिर अटूट भरोसा जताते हुए उन्हें उनकी पारंपरिक सीट जालुकबारी से चुनाव मैदान में उतारा है। जालुकबारी सीट हिमंत बिस्वा सरमा का मजबूत गढ़ मानी जाती है, जहां से वे लंबे समय से प्रतिनिधित्व करते आए हैं। इसके अतिरिक्त, एक और महत्वपूर्ण नाम प्रद्युत बोरदोलोई का है, जिन्हें दिसपुर विधानसभा सीट से भाजपा का उम्मीदवार बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि प्रद्युत बोरदोलोई पहले कांग्रेस पार्टी का हिस्सा थे और हाल ही में भाजपा में शामिल हुए हैं। पार्टी ने उन्हें दिसपुर जैसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक हलके की जिम्मेदारी सौंपकर अनुभवी नेताओं को तरजीह देने का संकेत दिया है।
भारत निर्वाचन आयोग ने असम में लोकतांत्रिक प्रक्रिया को संपन्न कराने के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। आयोग द्वारा 15 मार्च को घोषित किए गए चुनावी कार्यक्रम के अनुसार, असम की कुल 126 विधानसभा सीटों के लिए मतदान 9 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा। इस बार राज्य में एक ही चरण में सभी सीटों पर वोट डाले जाएंगे। निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं।
असम के साथ-साथ देश के चार अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इस साल असम के अलावा पश्चिम बंगाल, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में भी विधानसभा चुनाव होने निर्धारित हैं। इन सभी पांचों राज्यों में होने वाले मतदान के बाद मतों की गणना एक साथ की जाएगी। निर्वाचन आयोग के अनुसार, इन सभी राज्यों के चुनावी नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
भाजपा की इस पहली सूची ने असम की राजनीति में हलचल मचा दी है और पार्टी कार्यकर्ताओं के भीतर नया जोश भर दिया है। अब सभी की नजरें शेष बची हुई सीटों पर टिकी हैं, जिनके लिए उम्मीदवारों के नामों की घोषणा पार्टी आलाकमान द्वारा जल्द ही किए जाने की संभावना है। फिलहाल, भाजपा ने अपने शीर्ष नेतृत्व और अनुभवी चेहरों को मैदान में उतारकर विपक्षी दलों के सामने एक बड़ी चुनौती पेश कर दी है।
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